System : अमेरिका के कई राज्यों में गैस स्टेशनों के फ्यूल टैंक मॉनिटरिंग सिस्टम हैक किए गए हैं। अमेरिकी अधिकारियों को शक है कि इसके पीछे ईरानी हैकर्स हो सकते हैं। अधिकारियों ने कहा कि ईरान पहले भी गैस और पानी से जुड़े अमेरिकी सिस्टम को निशाना बनाता रहा है, इसलिए वह प्रमुख संदिग्ध है। हालांकि हमलों से कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन इससे सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं। ईरान से जुड़े हैकर्स पर अमेरिकी तेल-गैस साइट्स, जल आपूर्ति सिस्टम, मेडिकल डिवाइस कंपनी स्ट्राइकर और एफबीआई डायरेक्टर काश पटेल के ईमेल हैक करने के आरोप भी लगे हैं।
ऑटोमैटिक टैंक गेज सिस्टम को निशाना
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हैकर्स ने ऑटोमैटिक टैंक गेज सिस्टम को निशाना बनाया। ये सिस्टम गैस स्टेशनों के फ्यूल टैंकों में तेल की मात्रा मॉनिटर करते हैं। रिपोर्ट के अनुसार कई सिस्टम इंटरनेट पर बिना पासवर्ड सुरक्षा के खुले पड़े थे, जिसका फायदा उठाकर हैकर्स अंदर घुस गए। हैकर्स कुछ मामलों में डिस्प्ले रीडिंग बदलने में सफल रहे, हालांकि वास्तविक फ्यूल लेवल प्रभावित नहीं हुआ। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि इन घुसपैठों से फिलहाल कोई भौतिक नुकसान नहीं हुआ, लेकिन अगर किसी गैस लीक को छिपा दिया जाए तो बड़ा खतरा पैदा हो सकता है।
पर्याप्त सबूत नहीं
हालांकि जांच एजेंसियों का कहना है कि पर्याप्त डिजिटल सबूत न मिलने के कारण जिम्मेदार लोगों की पहचान पक्के तौर पर करना मुश्किल हो सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध के बीच ईरान समर्थित साइबर हमले बढ़े हैं।
चीन बोला- अमेरिका समर्थित प्रस्ताव सही नहीं
चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अमेरिका और बहरीन समर्थित हॉर्मुज प्रस्ताव का विरोध किया है। चीन के UN राजदूत फू कॉन्ग ने कहा कि प्रस्ताव का कंटेंट और समय दोनों सही नहीं हैं और इस समय ऐसा प्रस्ताव पास करना मददगार नहीं होगा। अमेरिका और बहरीन समर्थित प्रस्ताव में ईरान से हॉर्मुज स्ट्रेट में हमले और माइनिंग रोकने की मांग की गई है। अगर प्रस्ताव वोटिंग में जाता है तो चीन और रूस इसके खिलाफ वीटो कर सकते हैं। दोनों देशों ने पिछले महीने भी इसी तरह के अमेरिका समर्थित प्रस्ताव को वीटो किया था। चीन के UN राजदूत फू कॉन्ग ने कहा, “हमें नहीं लगता कि प्रस्ताव का कंटेंट सही है और इसका समय भी सही नहीं है।” उन्होंने कहा कि अभी जरूरत दोनों पक्षों के बीच गंभीर और ईमानदार बातचीत की है। फू कॉन्ग ने कहा कि इस चरण में प्रस्ताव पास करना हालात सुधारने में मदद नहीं करेगा।
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