Starship : दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी इलॉन मस्क की एयरस्पेस कंपनी स्पेसएक्स के सबसे ताकतवर रॉकेट स्टारशिप की 13वीं टेस्ट उड़ान कामयाब रही है। इस मिशन में स्टारशिप के अपर स्टेज ने हिंद महासागर में लैंड किया, जबकि इसके बूस्टर ने मैक्सिको की खाड़ी में लैंडिंग की। पिछले हफ्ते इंजन इग्निशन में खराबी के कारण इसकी लॉन्चिंग टाल दी गई थी।
स्पेसएक्स ने बनाया रॉकेट
इलॉन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने इस रॉकेट को बनाया है। स्टारशिप स्पेसक्राफ्ट (ऊपरी हिस्सा) और सुपर हैवी बूस्टर (निचला हिस्सा) को कलेक्टिवली स्टारशिप कहा जाता है। इस व्हीकल की ऊंचाई 403 फीट है। ये पूरी तरह से रीयूजेबल है। स्टारशिप ने टेक्सास के दक्षिणी छोर पर स्थित ‘स्टारबेस’ से भारतीय समय के अनुसार सुबह करीब 4 बजे उड़ान भरी थी। ये टेस्ट 1 घंटे 3 मिनट का था। इस टेस्ट की सफलता स्पेसएक्स और नासा दोनों के लिए बेहद जरूरी थी। अगले साल नासा की मून लैंडिंग इसी पर निर्भर है।
पहली बार पानी में सुरक्षित तैरता दिखा स्टारशिप
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार स्पेसएक्स के प्रवक्ता डैन हुओट ने लाइव स्ट्रीम के दौरान कहा कि यह पहली बार है जब हमने पूरे स्टारशिप को सुरक्षित पानी में उतारा। लैंडिंग के दौरान स्टारशिप अपनी बेली-फ्लॉप स्थिति से सीधा हुआ और पानी पर उतरा। इसके बाद यह धीरे-धीरे एक तरफ झुककर समुद्र में तैरने लगा।
पहली बार असली स्टारलिंक वी 3 सैटेलाइट्स की तैनाती
जानकारी के अनुसार इस मिशन में स्टारशिप ने पहली बार नए वर्जन के 20 स्टारलिंक वी3 सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में तैनात किया। स्पेसएक्स ने पुष्टि की कि उसने सभी 20 टेस्ट सैटेलाइट्स से संपर्क स्थापित कर लिया है। ये सैटेलाइट्स सबऑर्बिटल ट्रैजेक्टरी पर थे और इन्हें स्थायी रूप से अंतरिक्ष में रहने के लिए डिजाइन नहीं किया गया था। तैनात होने के लगभग 20 मिनट बाद ये पृथ्वी के वायुमंडल में जलकर नष्ट हो गए। विशेष बदलाव- 6 सैटेलाइट्स में कैमरे लगाए गए थे, जिन्होंने स्टारशिप की हीट शील्ड को स्कैन करके तस्वीरें भेजीं। लेजर टेस्ट- सैटेलाइट्स ने अपने सोलर पैनल्स और एंटेना खोले और लेजर तकनीक के जरिए मौजूदा स्टारलिंक नेटवर्क से जुड़ने का परीक्षण किया। पेज़ डिस्पेंसर- इन पतले और फ्लैट सैटेलाइट्स को स्टारशिप की साइड में मौजूद एक संकीर्ण स्लिट (पेज़ डिस्पेंसर जैसी संरचना) से बाहर निकाला गया।
सुपर हैवी बूस्टर और हॉट स्टेजिंग में सुधार
लॉन्च के समय सुपर हैवी बूस्टर के सभी 33 रैप्टर इंजनों ने उड़ान भरी, जिससे 1.8 करोड़ पाउंड का थ्रस्ट पैदा हुआ। स्पेसएक्स के स्टारशिप लॉन्च के सीनियर डायरेक्टर जस्टिन स्टेयर के मुताबिक, ष्यह दुनिया की सबसे बड़ी मशीन गन की तरह है जो गोलियों की जगह हर सेकंड 11 पिकअप ट्रक फायर कर रही हो। उड़ान के 2 मिनट बाद मेन इंजन कटऑफ के बाद श्हॉट स्टेजिंगश् के जरिए स्टारशिप बूस्टर से अलग हुआ। मई में हुई पिछली उड़ान में सभी 6 इंजन एक साथ चालू न होने से बूस्टर उल्टा घूम गया था, जिसे इस बार सुधार लिया गया था। अलग होने के बाद बूस्टर ने 13 इंजनों का इस्तेमाल करके बूस्टबैक बर्न किया। लैंडिंग के समय इसकी स्पीड थोड़ी ज्यादा थी और सभी 13 इंजन चालू नहीं हो पाए, फिर भी इसने खाड़ी में एक नियंत्रित लैंडिंग की।
यह भी पढ़ें –Whatsapp पर PDF फाइल पढ़ना होगा आसान, Adobe Acrobat के साथ किया इंटीग्रेशन
यह भी देखें –बालमुकुंद आचार्य का सबसे बेबाक इंटरव्यू | राम मंदिर आंदोलन पर खुलकर बोले BJP विधायक | KBP Times


