Rajasthan Panchayat Elections 2026: राजस्थान में निकाय और पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज होने लगी है. इसी कड़ी में ग्रामीण विकास व पंचायती राज विभाग ने चुनावी प्रक्रिया के तहत जिलों कलेक्टरों और उपमंडल मजिस्ट्रेट्रों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं. ग्रामीण विकास व पंचायती राज विभाग के सचिव और आयुक्त जोगाराम ने जिला कलेक्टरों और SDM को पंचायती राज संस्थाओं में निर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए श्रेणीवार आरक्षण निर्धारित करने का आदेश जारी किया है. इस नई व्यवस्था के तहत, जिला कलेक्टर अपने-अपने जिलों में जिला परिषदों और पंचायत समितियों के वार्डों के साथ-साथ प्रधान के पदों के लिए आरक्षण निर्धारित करेंगे. एसडीओ-एसडीएम अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों में ग्राम पंचायत वार्डों और सरपंच पदों के लिए आरक्षण को अंतिम रूप देंगे.
बता दें कि आरक्षण अधिसूचित होने के बाद राज्य चुनाव आयोग चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर सकता है. प्रदेश में 41 जिला परिषदों, 457 पंचायत समितियों और 14,403 ग्राम पंचायतों के लिए चुनाव नवंबर में सम्पन्न होने का प्रस्ताव है.
ओबीसी आयोग 5 अगस्त पेश कर सकता है रिपोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट को प्रदेश सरकार ने बताया कि ओबीसी आयोग 15 जुलाई को जारी न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में अपना सर्वेक्षण पूरा कर 5 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर सकता है. इस रिपोर्ट के पेश होने के बाद लॉटरी सिस्टम के द्वारा आरक्षण प्रक्रिया 15 अगस्त तक पूरी होने की उम्मीद है. सरपंच, उप-सरपंच, प्रधान, जिला प्रमुख और वार्ड सदस्यों के पदों के आरक्षण के लिए लॉटरी जिला मुख्यालयों में जिला कलेक्टरों और उप-मंडल स्तर पर SDM की देखरेख में आयोजित की जाएगी.
15 नवंबर तक खत्म होने का प्रस्ताव
राज्य चुनाव आयोग ने राजस्थान हाईकोर्ट के समक्ष हाल ही में हुई सुनवाई के दौरान संकेत दिया कि चुनावी प्रक्रिया अगस्त में शुरू होने की संभावना है और मतदान 4 चरणों में आयोजित किया जाएगा. कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत अस्थायी कार्यक्रम के अनुसार चुनावी प्रक्रिया 15 नवंबर तक खत्म होने का प्रस्ताव है. आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य चुनाव आयोग अंतिम चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करेगा.


