Resignation of Dharmendra Pradhan : केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर छात्रों का जश्न जारी है। इस बीच राहुल गांधी ने कहा है कि अब इस सरकार को हटाने का वक्त आ गया है। राहुल गांधी ने छात्रों के लिए कहा कि शाबाश युवाओं, हमें तुम पर गर्व है। उधर जंतर-मंतर पर छात्रों ने छात्र एकता जिंदाबाद के नारे लगाए, राष्ट्रगान गाया और नीट पेपर लीक के बाद जान गंवाने वाले स्टूडेंट्स के लिए 2 मिनट का मौन रखा। उधर विपक्ष के नेताओं में भी उत्साह है और छात्रों को बधाई देते हुए उनकी मांग मान लिए जाने को लोकतंत्र की जीत बता रहे हैं।
वांगचुक बोले- ये लोकतंत्र की जीत
सोनम वांगचुक ने अस्पताल से किए पोस्ट में लिखा- यह लोकतंत्र की जीत है, प्रत्यक्ष लोकतंत्र… सड़कों से मिली जीत। यह शांति, धैर्य और दृढ़ता की जीत है। CJP और GenZ को बधाई। देश के हर कोने से उठ खड़े होने के लिए सभी नागरिकों को धन्यवाद।
झुकती है दुनिया झुकाने वाला चाहिए
कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा, क्या कह रहे थे, इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते। झुकती है दुनिया झुकाने वाला चाहिए। मंत्री का इस्तीफा तो हो गया है, लेकिन हमारी दो और मांगे हैं।’ उन्होंने कहा, सुबह हो गई मामू, जनता जाग गई। हम ऐसे नहीं जाएंगे कॉकरोच एक बार घुसता है तो निकलता नहीं है। जिन बच्चों ने सुसाइड किया उनके परिवार को एक करोड़ मुआवजा मिले। पुलिस वालों पर एक्शन होना चाहिए।
पार्टी धर्मेंद्र प्रधान के फैसले के साथ
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में धर्मेंद्र प्रधान ने भारत की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने ऐतिहासिक राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) को सफलतापूर्वक लागू किया और शिक्षा क्षेत्र में कई अहम सुधारों का नेतृत्व किया। देशहित को सर्वोपरि रखते हुए उनका इस्तीफा सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही, ईमानदारी और निस्वार्थ सेवा का सर्वोच्च उदाहरण है। पार्टी इस निर्णय में श्री धर्मेंद्र प्रधान जी के साथ मजबूती से खड़ी है।
मोदी सरकार में 12 साल में पहली बार विरोध के बाद इस्तीफा
2014 में पहली बार मोदी सरकार बनने के बाद 12 साल के कार्यकाल में धर्मेंद्र प्रधान पहले मंत्री हैं, जिन्हें विरोध के चलते इस्तीफा देना पड़ा है। हालांकि, इससे पहले 2018 में विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर ने इस्तीफा दिया था, लेकिन तब दुनियाभर में ‘मी टू’ आंदोलन चल रहा था और अकबर पर पत्रकारिता के दिनों में यौन उत्पीड़न के आरोप लगे थे।
पुलिस ने कहा- मांगें मान लीं, अब घर जाओ
पुलिस की तरफ से कहा जा रहा है कि आपकी सभी मांगें मान ली गई हैं। मेट्रो स्टेशन खुल गए हैं। सभी प्रदर्शकारी घर चले जाएं।
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