Iran-America : अमेरिका और ईरान के बीच युद्व थमने का नाम नहीं ले रहा। दोनों देश एक दूसरे पर लगातार बमों और मिसाइलों से हमले कर सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। दोनों देशों की जिद ने दुनियाभर में तेल आपूर्ती को प्रभावित कर परेशानी में डाल रखा है। मिडिल ईस्ट में तनाव के चलते कच्चे तेल के दाम उछले हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका ईरान पर सबसे बड़ा हमला करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, तैयारी पूरी है, अब सिर्फ फैसला लेना बाकी है। ट्रम्प ने यह भी कहा कि ईरान ने अभी तक पर्याप्त दर्द नहीं झेला है। ट्रम्प के बयान के बाद ईरान ने भी तुरंत जवाब दिया। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अगर अमेरिका ने हमले जारी रखे तो उसे इसकी और भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि युद्ध खत्म करने का रास्ता बातचीत है, नए हमले नहीं।
ब्रिटेन में सेना अलर्ट
इधर, ब्रिटेन ने भी अपनी सेना को अलर्ट पर रखा है। ब्रिटिश सरकार का कहना है कि जरूरत पड़ने पर उसकी सेना देश की सुरक्षा के लिए तैयार है। इससे पहले ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी थी कि अगर अमेरिका ने ब्रिटेन के सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल किया तो उन्हें भी निशाना बनाया जा सकता है।
ईरान में केश्म द्वीप के पास विमान क्रैश
ईरान के केश्म द्वीप के पास विमान क्रैश होने की शुरुआती रिपोर्ट सामने आई है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, फिलहाल यह साफ नहीं है कि दुर्घटनाग्रस्त विमान सैन्य था या नागरिक। साथ ही, उसमें सवार लोगों की संख्या, संभावित हताहतों और दुर्घटना के कारणों को लेकर भी कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है।
मध्यस्थ देशों के माध्यम से संदेशों का आदान-प्रदान
मीडिया रिपोर्ट से जानकारी के अनुसार ईरान के एक वरिष्ठ राजनयिक अधिकारी ने कहा है कि अमेरिकी हमलों के बावजूद कूटनीति का रास्ता खुला है। अल जजीरा से बातचीत में अधिकारी ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थों के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान जारी है। अधिकारी ने आरोप लगाया कि अमेरिका ईरान के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहा है, जिससे कूटनीतिक प्रयास प्रभावित हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के सामने सभी विकल्प खुले हैं।
ईरान बोला- बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी बेस को निशाना बनाया
ईरान ने दावा किया है कि उसने बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले किए हैं। ईरानी समाचार एजेंसी मेहर के मुताबिक, बहरीन के शेख ईसा एयर बेस पर फ्यूल स्टोरेज टैंक, उपकरण गोदाम और सैनिकों के आवासीय परिसर को निशाना बनाया गया। ईरानी सेना ने यह भी दावा किया कि जॉर्डन के मुवाफ्फाक सल्ती (अल-अजराक) एयर बेस पर विमान हैंगर, रखरखाव सुविधाओं और सैनिकों के ठिकानों पर भी ड्रोन से हमला किया गया। साथ ही चेतावनी दी कि ईरान के हितों के खिलाफ किसी भी कार्रवाई से क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता प्रभावित होगी।
सऊदी तेल लेकर 2 चीनी टैंकर ने बाब-अल-मंदेब पार किया
यमन के हूती विद्रोहियों के बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट से सऊदी तेल की ढुलाई रोकने का ऐलान किए जाने के बावजूद सऊदी अरब का कच्चा तेल लेकर जा रहे दो चीनी सुपरटैंकर सुरक्षित रूप से इस जलमार्ग को पार कर गए। एलएसईजी के शिपिंग डेटा के अनुसार, सिंगापुर के झंडे वाला और चीन के झंडे वाला जहाज गुरुवार को सफलतापूर्वक बाब-अल-मंदेब से निकल गए। दोनों जहाजों ने इसी सप्ताह सऊदी अरब के यानबू बंदरगाह से कच्चे तेल की खेप लोड की थी।
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