America-Iran : ईरान के होर्मुज स्ट्रेट पर कब्जा रहने के चलते अब यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के तेल टैंकर एन्सेलिया और लैला को मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया है। हूती विद्रोहियों के इस कदम से बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट में तनाव पैदा हो गया है और वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। बता दें कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले तेल जहाजों से दुनिया का बीस प्रतिशत तेल की आपूर्ती होती है वहीं बाब अल मंदेब स्ट्रेट एक वैकल्पिक रास्ता है जहां हूती विद्रोही का नियंत्रण है।
अमेरिकी एजेंसियों ने ईरान समर्थित साइबर हमलों का अलर्ट जारी किया
ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने साइबर हमलों को लेकर अलर्ट जारी किया है। एफबीआई , साइबर सिक्योरिटी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सिक्योरिटी एजेंसी और अन्य अमेरिकी एजेंसियों ने संयुक्त एडवाइजरी जारी चेतावनी दी है। एजेंसियों ने कहा कि ईरान से जुड़े साइबर समूह महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और इंटरनेट से जुड़े उपकरणों को निशाना बना सकते हैं। एफबीआई ने कहा कि नेटवर्क संचालक अपने सिस्टम की सुरक्षा मजबूत करें और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखें, ताकि जरूरी सेवाएं बाधित न हों।
ईरान-ईराक बॉर्डर पर अटैक
उधर अमेरिका और ईरान के बीच बमबारी जारी है। अमेरिका ने ईरान-इराक सीमा पर स्थित शलमचेह बॉर्डर क्रॉसिंग पर हवाई हमला किया। खुजेस्तान प्रांत के डिप्टी गवर्नर ने बताया कि इस हमले में दो लोगों की मौत हुई है। इराकी मीडिया के मुताबिक, हमले में सीमा पर मौजूद ईरानी पुलिस के विश्राम स्थल को निशाना बनाया गया। शलमचेह ईरान और इराक के बीच सबसे अहम सीमा पार मार्गों में से एक है। इससे पहले भी इस इलाके में मिसाइल हमलों की खबरें सामने आ चुकी हैं।
ईरान का जवाब
अमेरिकी हमले के कुछ ही देर बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया कि उसने कुवैत के अली अल-सलेम एयर बेस स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमला किया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस कार्रवाई में पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम, डफ-9 रीपर ड्रोन हैंगर और एक सैन्य गोदाम तबाह कर दिया गया।
कतर, पाकिस्तान और मिस्र ने सीजफायर का प्रस्ताव रखा
अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव को रोकने के लिए कतर, पाकिस्तान और मिस्र ने 10 दिन के युद्धविराम (सीजफायर) का प्रस्ताव रखा है। इस पहल का मकसद संघर्ष को पूरे पश्चिम एशिया में फैलने से रोकना और दोनों देशों के बीच बातचीत का रास्ता खोलना है। दोहा से मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले 12 दिनों से खाड़ी क्षेत्र लगातार तनाव में है। अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान ने श्आंख के बदले आंखश् की नीति अपनाने की बात कही है।
ईरान युद्ध से इराक को 45 अरब डॉलर तक का नुकसान
ईरान युद्ध से इराक को 45 अरब डॉलर तक का नुकसान हुआ है। इराक के प्रधानमंत्री के वित्तीय सलाहकार मुजहर सालेह ने बताया कि फरवरी 2026 से जून 2026 के बीच देश को 40 से 45 अरब डॉलर के राजस्व का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि होर्मुज बंद रहा तो यह नुकसान बढ़कर 50 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। सालेह के मुताबिक, युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के कारण इराक के तेल निर्यात में करीब 90ः की गिरावट आई है। युद्ध से पहले इराक प्रतिदिन करीब 40 लाख बैरल तेल का उत्पादन करता था, जिसमें से 35 लाख बैरल प्रतिदिन निर्यात होते थे। अधिकांश तेल होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते वैश्विक बाजार तक पहुंचता था।
ईरान बोला- कुवैत की संप्रभुता हमने नहीं, अमेरिका ने तोड़ी
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कुवैत के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का उल्लंघन अमेरिका कर रहा है, ईरान नहीं। आईआरजीसी ने अपने बयान में कहा कि उसके हमले केवल उन अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हैं, जहां अमेरिकी सेना की मौजूदगी है। संगठन का दावा है कि इन ठिकानों पर अमेरिका का नियंत्रण है और वहां अमेरिकी सैनिकों के साथ अन्य देशों के लोगों की भी बिना कुवैत के नियंत्रण के आवाजाही होती है।
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