US Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता नजर आ रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि तेहरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू की जा सकती है. ट्रंप ने कहा कि अगले दो-तीन दिनों में सीमित अवधि के लिए हमला संभव है. उनके इस बयान के बाद पश्चिम एशिया में युद्ध की आशंका बढ़ गई है. वहीं, ईरान ने भी किसी भी हमले का कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है.
ट्रंप ने फिर दी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अमेरिका को ईरान को “एक और बड़ा झटका” देना पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि वह युद्ध नहीं चाहते, लेकिन हालात को देखते हुए कार्रवाई से इनकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने संभावित समयसीमा बताते हुए कहा कि शुक्रवार, शनिवार, रविवार या अगले सप्ताह की शुरुआत में कुछ हो सकता है. हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई सीमित समय के लिए होगी.
परमाणु कार्यक्रम को लेकर बढ़ा विवाद
अमेरिका लगातार ईरान पर अपना परमाणु कार्यक्रम बंद करने का दबाव बना रहा है. ट्रंप प्रशासन का आरोप है कि ईरान परमाणु हथियार विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है, जबकि तेहरान इन आरोपों से इनकार करता रहा है. ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल बिजली उत्पादन और शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है. इसके बावजूद दोनों देशों के बीच अविश्वास लगातार बढ़ता जा रहा है.
खाड़ी देशों के कहने पर टला था हमला
ट्रंप ने दावा किया कि 18 मई को अमेरिका ईरान पर बड़ा हमला करने की तैयारी में था, लेकिन सऊदी, अरेबिया, कतर और संयुक्त अरब अमीरात के अनुरोध पर इसे टाल दिया गया.बताया जा रहा है कि खाड़ी देशों ने क्षेत्रीय अस्थिरता और तेल आपूर्ति पर संभावित असर को देखते हुए अमेरिका से संयम बरतने की अपील की थी.
ईरान ने दी जवाबी कार्रवाई की धमकी
वहीं दूसरी तरफ ट्रंप की चेतावनी के बाद ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाया है. तेहरान ने साफ कहा है कि अगर उस पर हमला किया गया तो उसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच संघर्ष बढ़ता है तो इसका असर पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा और वैश्विक तेल बाजार पर पड़ सकता है.
रूस-चीन की बढ़ी सक्रियता
इस बीच व्लादिमीर पुतिन चीन दौरे पर हैं, जहां उनकी मुलाकात शी जिनपिंग से होनी है. माना जा रहा है कि दोनों नेता ईरान संकट और अमेरिकी रुख पर चर्चा कर सकते हैं. वहीं, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने यूरोपीय देशों से ईरान के खिलाफ अमेरिका का समर्थन करने की अपील की है. इससे साफ है कि आने वाले दिनों में पश्चिम एशिया की स्थिति और ज्यादा तनावपूर्ण हो सकती है.
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