US-Israel-Iran War: पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच शांति को लेकर करीब 21 घंटे तक वार्ता चली. ईरान की ओर से बातचीत को संसद के स्पीकर एमबी गालिबाफ लीड कर रहे हैं तो वहीं अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस डेलीगेशन को लीड कर रहे हैं. इस डेलीगेशन में स्टीव विटकॉक, जेरेड कुशनर और ब्रैड कूपर शामिल है. मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, ईरान-अमेरिका के बीच होर्मुज स्ट्रेट खोलने और न्यूक्लियर प्रोग्राम पर पेंच फंसा है. उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अमेरिका वापस लौट चुके हैं. उससे पहले जेडी वेंस एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि हम बिना किसी डील के वापस लौट रहे हैं. समझौता न होना अमेरिका से ज्यादा ईरान के लिए बुरी खबर है. किसी भी समझौते के लिए जरूरी है कि ईरान वादा करे कि वो परमाणु हथियार नहीं बनाएगा. लेकिन ईरान इस शर्त को नहीं माना. वहीं दूसरी तरफ ईरान की तरफ से कहा गया कि अमेरिका की शर्त जरूरत से ज्यादा सख्त थी.
वार्ता फेल होने पर डींग हांक रहा पाक
अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग को रोकने के लिए पाकिस्तान ने मध्यस्थता का रोल निभाया. लेकिन वार्ता बेनतीजा साबित हुई. इसके बावजूद अपनी पीठ थपथपाने से पीछे नहीं हट रहा है. शांति वार्ता के बाद विदेश मंत्री इशाक डार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. पाकिस्तान इन शांति वार्ताओं की मेजबानी करके सम्मानित महसूस कर रहा है. उन्होंने कहा कि हम इस्लामाबाद में शांति वार्ता आयोजित करने के लिए अमेरिका और ईरान का शुक्रिया अदा करते हैं. डार ने उम्मीद जताई कि दोनों देशों के बीच भविष्य में सीजफायर पर समझौतों को जारी रखेंगे. वहीं उन्होंने आगे बताया कि इस शांति वार्ता में पाकिस्तान के थल सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की भी अहम भूमिका रही. मुनीर ने सीजफायर करने के लिए कई दौर की वार्ताओं में मदद की. दोनों पक्षों के बीच कई मुद्दों पर सहमति भी बनी. लेकिन परमाणु हथियार और स्ट्रेट होर्मुज को लेकर ईरान-अमेरिका के बीच बात नहीं बन पाई.
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि मैंने, चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज और चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ फील्ड मार्शल सैयद असीम मुनीर के साथ, दोनों पक्षों के बीच कई राउंड की गहरी और रचनात्मक बातचीत में मदद की, जो पिछले 24 घंटों से जारी थी और आज सुबह खत्म हुई… हमें उम्मीद है कि दोनों पक्ष पूरे क्षेत्र और उससे आगे के लिए स्थायी शांति और खुशहाली पाने के लिए सकारात्मक भावना के साथ आगे बढ़ेंगे. यह ज़रूरी है कि दोनों पक्ष सीजफायर के अपने कमिटमेंट को बनाए रखें. पाकिस्तान आने वाले दिनों में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान और यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका के बीच जुड़ाव और बातचीत को आसान बनाने में अपनी भूमिका निभाता रहा है और निभाता रहेगा.
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किसी को समझौते की उम्मीद नहीं थी-ईरान
ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि किसी को भी यह उम्मीद नहीं थी कि अमेरिका के साथ एक ही बैठक में समझौता हो जाएगा, तब तक इस्लामाबाद में बातचीत रुक गई. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि शुरू से ही यह मानकर चलना चाहिए था कि एक ही बैठक में समझौता नहीं होगा. किसी को भी ऐसी उम्मीद नहीं थी. ईरान को भरोसा है कि पाकिस्तान और क्षेत्र के दूसरे सहयोगी देशों के साथ उसका संपर्क और बातचीत आगे भी जारी रहेगी.



