Sajjan Kumar: 1984 सिख विरोधी दंगा मामले में पूर्व सांसद सज्जन कुमार को बरी कर दिया गया है. दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने जनकपुरी और विकासपुरी सिख दंगा मामले में सज्जन कुमार को बरी किया है. कोर्ट ने सज्जन कुमार को हत्या के आरोप से पहले ही बरी कर दिया था. हिंसा मामले में 2 लोगों की मौत हुई थी. पूर्व सांसद सज्जन कुमार के वकील अनिल कुमार शर्मा ने कहा कि कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया है क्योंकि विकासपुरी और जनकपुरी मामलों में उनके खिलाफ कोई भी आरोप साबित नहीं हो सका.
“उन्हें टारगेट किया गया था”
वकील ने कहा कि हमने कोर्ट को बताया था कि उन्हें टारगेट किया गया था, क्योंकि उनकी मौजूदगी साबित नहीं हो सकी. अब तक किसी भी गवाह ने उनका नाम नहीं लिया था.यह मामला विकासपुरी और जनकपुरी पुलिस स्टेशनों का था. दो दिनों में दो मामले दर्ज किए गए थे, एक 31 तारीख का और दूसरा 1 तारीख को दर्ज किया गया था.
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कोर्ट का फैसला सुन रो पड़े पीड़ित के परिजन
वहीं राउज़ एवेन्यू कोर्ट द्वारा जनकपुरी-विकासपुरी हिंसा से संबंधित 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में सज्जन कुमार को बरी किए जाने के फैसले को सुनकर पीड़ित के परिवार वाले फूट-फूट कर रो पड़े. एक पीड़ित परिवार की महिला सदस्य ने कहा हम 42 साल से यह केस लड़ रहे हैं, फिर भी हमें इंसाफ नहीं मिला. अगर सरकार कहती है कि वह दोषी नहीं है, तो उसे अब तक जेल में क्यों रखा गया था? उसके खिलाफ 18 केस थे. हमें उम्मीद थी कि हमें इंसाफ मिलेगा, हमें इंसाफ क्यों नहीं मिला? पीड़ित परिवार की एक सदस्य ने कहा कि हम छोड़ेंगे नहीं, आगे जाएंगे. हमें इंसाफ चाहिए, यह(सज्जन कुमार) दोषी है. हम इसकी फांसी की मांग करेंगे.
“आज बहुत राहत महसूस कर रहे होंगे”
कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े जनकपुरी, विकासपुरी हिंसा मामले में राउज़ ऐवन्यू कोर्ट द्वारा सज्जन कुमार को बरी किए जाने पर कहा कि आपको पता है कि जब भी कोई कोर्ट निर्णय लेता है, तो सारे सबूत और गवाहों के बयान के बाद ही लेता है. हम समझते हैं कि राउज एवेन्यू कोर्ट में केस वर्षो से चल रहा था और दूसरे कोर्ट्स में भी, 40 वर्षो बाद उन्हें न्याय मिला है, तो यह निश्चित रूप से सुखद खबर है और सज्जन कुमार की राजनीतिक करियर को कहीं न कहीं इससे बहुत नुकसान हुआ है. उसकी भरपाई नहीं हो सकती. हां, यह जरुर है कि जो लोग उनको दोषी ठहराते थे या कई बार ग्लानि महसूस होती थी कि मैं इस मामले में कैसे फंस गया हूं, आज बहुत राहत महसूस कर रहे होंगे.
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