Gautam Gambhir-Shashi Tharoor: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर की जमकर तारीफ की. उन्होंने गौतम गंभीर को प्रधानमंत्री के बाद भारत की सबसे कठिन नौकरी करने वाला व्यक्ति बताया. थरूर के बयान पर विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया आ रही है. इसी कड़ी में विभिन्न पार्टियों के नेताओं की प्रतिक्रिया आ रही है. इसी कड़ी में झारखंड से बीजेपी प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कहा कि यह शशि थरूर का निजी बयान है. हम इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते. प्रधानमंत्री के काम करने की क्षमता की तुलना इस देश में क्या, इस दुनिया में कोई भी किसी और से नहीं की सकती.
बिहार से मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि जब कोई खिलाड़ी होता है, तो उसमें राजनीति नहीं आती. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि गौतम गंभीर किस राजनीतिक दल से हैं या इनके प्रति उनका झुकाव है.
“भाजपा ने स्वयं उनका टिकट काट दिया था”
उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने शशि थरूर द्वारा गौतम गंभीर की तारीफ किए जाने पर कहा कि अब ये शशि थरूर ने किन मानकों पर बात की है गौतम गंभीर साहब के लिए, ये शशि थरूर जी से पूछा जाना चाहिए. गौतम गंभीर एक बेहतरीन खिलाड़ी, क्रिकेट के खिलाड़ी रहे जिन्होंने भारतीय क्रिकेट का हमेशा गर्व से सिर ऊंचा कराया है लेकिन भारतीय जनता पार्टी के सांसद के रूप में उन्होंने क्या किया है, इसकी जानकारी तो दिल्ली वासियों को भी नहीं है और भाजपा को भी नहीं है. भाजपा ने स्वयं उनका टिकट काट दिया था तो ये चीजें स्पष्ट करें शशि थरूर और गौतम गंभीर. आपस में बताएं कि किस परिप्रेक्ष्य में उन्होंने ये बयान दिया.
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“उनका मन कहीं टिक नहीं रहा है”
उत्तर प्रदेश सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने शशि थरूर द्वारा गौतम गंभीर की तारीफ़ किए जाने पर कहा कि वह गौतम गंभीर को अपने काबिल शख्स बता रहे हैं, या फिर खुद की तुलना गौतम गंभीर से कर रहे होंगे. जिस तरह से उनका मन विचलित है, चंचल है, कभी इधर तो कभी उधर घूम रहा है, वे भारतीय जनता पार्टी की तारीफ़ कर रहे हैं. उनका मन कहीं टिक नहीं रहा है, अपने दल में लग नहीं रहा है। इसलिए वे इस तरह के बयान दे रहे हैं. उन्हें अब गंभीर हो जाना चाहिए. गौतम गंभीर तो पहले से ही गंभीर हैं, लेकिन शशि थरूर कब गंभीर होंगे, यह बड़ा सवाल है. इस उम्र के पड़ाव पर भी अगर वह गंभीरता नहीं हैं, तो यह बड़ा सवाल है.



