IDFC FIRST Bank : हरियाणा सरकार से जुड़े कुछ IDFC FIRST Bank खातों में अनधिकृत और संभावित धोखाधड़ी जैसी गतिविधियों का पता चला है. बैंक ने खुलासा किया है कि हरियाणा सरकार के एक विभाग ने अपने खाते को बंद करने और फंड को दूसरे बैंक में ट्रांसफर करने का अनुरोध किया. इस प्रक्रिया में बैंक ने खाते में दिखाए गए बैलेंस और वास्तविक बैलेंस में अंतर देखा. यहीं से जांच शुरू हुई और आगे चलकर कई खातों में गड़बड़ियों के संकेत मिले हैं. IDFC FIRST Bank की शुरुआती आंतरिक जांच में यह जानकारी SEBI लिस्टिंग नियमों के तहत सार्वजनिक की गई है.
क्या है IDFC FIRST Bank के शेयर की कीमत?
इस घटना के बाद निवेशकों की चिंता बढ़ी है और शेयर बाजार में इसका असर देखा गया. IDFC FIRST Bank का शेयर 83.25 रुपये पर बंद हुआ, जो 0.27 रुपये यानी 0.33% की बढ़त दिखाता है. दिन में शेयर का उच्चतम स्तर 83.80 रुपये और न्यूनतम स्तर 82.30 रुपये रहा, जबकि NSE पर ट्रेडिंग वॉल्यूम 1,19,74,786 शेयर रहा.
तेजी से की जा रही है जांच
IDFC FIRST Bank जारी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 18 फरवरी 2026 से कुछ सरकारी संस्थाएं अपने खातों को लेकर बैंक से संपर्क में थीं. इसी दौरान अकाउंट बैलेंस में अंतर दिखाई दिया, जिसके बाद आंतरिक जांच शुरू की गई. शुरुआती जांच में यह साफ हुआ कि मामला हरियाणा सरकार से जुड़े कुछ खास खातों तक सीमित है, जो चंडीगढ़ ब्रांच के जरिए ऑपरेट किए जा रहे थे. बैंक ने यह भी स्पष्ट किया कि यह मामला चंडीगढ़ शाखा के बाकी ग्राहकों से संबंधित नहीं है.जांच के दौरान जिन खातों में गड़बड़ी पाई गई, उनमें कुल मिलाकर करीब 590 करोड़ रुपये की राशि रिकंसिलिएशन के दायरे में बताई गई है. हालांकि बैंक ने कहा कि वास्तविक असर अभी तय नहीं है, क्योंकि यह आगे मिलने वाली जानकारी, क्लेम्स की जांच, रिकवरी प्रक्रिया और कानूनी कार्रवाई पर निर्भर करेगा.
कई अधिकारी हुए सस्पेंड
मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंक ने तुरंत कई कदम उठाए हैं. चार संदिग्ध अधिकारियों को जांच पूरी होने तक सस्पेंड कर दिया गया है. IDFC FIRST Bank बैंक ने कहा है कि दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों और बाहरी लोगों के खिलाफ सिविल और क्रिमिनल कार्रवाई की जाएगी.
यह भी पढ़ें : भारत-अमेरिका ट्रेड डील पहले की तरह रहेगी, ट्रम्प बोले, ‘समझौते पर कोई असर नहीं’
स्वतंत्र बाहरी एजेंसी नियुक्त
बैंक एक स्वतंत्र बाहरी एजेंसी नियुक्त करने की प्रक्रिया में है, जो फॉरेंसिक ऑडिट करेगी ताकि लेनदेन की पूरी सच्चाई सामने आ सके. बैंक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग देने की बात कही है. साथ ही, कुछ लाभार्थी बैंकों को संदिग्ध खातों में मौजूद रकम पर लियन मार्क (सपमद उंता) करने का अनुरोध भी भेजा गया है, ताकि संभावित नुकसान को रोका जा सके. फिलहाल मामला जांच के दौर में है, लेकिन इतनी बड़ी राशि सामने आने से निवेशकों और बाजार की नजरें अब आगे की कार्रवाई और फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं.
यह भी देखें : जयपुर में कांग्रेस के खिलाफ सड़क पर उतरी बीजेपी, बैरिकेडिंग पर चढ़े कार्यकर्ता



