PM Modi Return India: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच देशों की यात्रा पूरी कर गुरुवार को भारत लौट आए हैं. संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली के दौरे के दौरान भारत ने ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग, सेमीकंडक्टर, ग्रीन टेक्नोलॉजी, एआई और व्यापार जैसे अहम क्षेत्रों में कई बड़े समझौते किए. इस दौरे को भारत की वैश्विक रणनीतिक स्थिति मजबूत करने और आर्थिक साझेदारी बढ़ाने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
यूएई दौरे में ऊर्जा और रक्षा पर बड़ा फोकस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पांच देशों की यात्रा का पहला पड़ाव संयुक्त अरब अमीरात रहा. 15 मई 2026 को अबू धाबी पहुंचे पीएम मोदी का यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद ने गर्मजोशी से स्वागत किया. इस दौरान दोनों देशों के बीच स्ट्रैटेजिक डिफेंस पार्टनरशिप फ्रेमवर्क पर हस्ताक्षर हुए. ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए यूएई ने भारत के स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व में 3 करोड़ बैरल कच्चे तेल के योगदान पर सहमति जताई. एलपीजी आपूर्ति को लेकर भी अहम समझौता हुआ। इसके अलावा यूएई ने भारतीय बाजार में 5 बिलियन डॉलर निवेश पैकेज की घोषणा की. दोनों नेताओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया.
नीदरलैंड से सेमीकंडक्टर क्षेत्र को बढ़ावा
पीएम मोदी की नीदरलैंड यात्रा भारत के तकनीकी और सांस्कृतिक संबंधों के लिहाज से बेहद अहम रही. दोनों देशों ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का फैसला किया. इस दौरान डच सरकार ने 11वीं सदी की चोल साम्राज्य की ऐतिहासिक ताम्र पट्टिकाएं भारत को लौटाईं. तकनीकी क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि तब मिली जब ASML और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के बीच भारत में सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन प्लांट लगाने और तकनीकी सहयोग को लेकर अहम समझौता हुआ. इससे भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है.
स्वीडन के साथ एआई और इनोवेशन साझेदारी
स्वीडन की दो दिवसीय यात्रा के दौरान भारत और स्वीडन ने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी तक पहुंचाने पर सहमति जताई. दोनों देशों ने संयुक्त नवाचार साझेदारी के दूसरे चरण की शुरुआत की. इसके साथ ही भारत-स्वीडन टेक्नोलॉजी और एआई कॉरिडोर लॉन्च किया गया. अगले पांच वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य तय किया गया। पीएम मोदी ने स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन और वहां की जनता का सहयोग और मित्रता के लिए आभार जताया.
नॉर्वे के साथ ग्रीन साझेदारी मजबूत
प्रधानमंत्री मोदी की नॉर्वे यात्रा को ऐतिहासिक माना जा रहा है. भारत और नॉर्वे ने ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप की घोषणा की. दोनों देशों के बीच कुल 12 प्रमुख समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए. ग्रीन हाइड्रोजन, पवन ऊर्जा और कार्बन कैप्चर तकनीकों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी. इसके अलावा भारत की लंबी तटीय रेखा के विकास, ग्रीन शिपिंग और पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी साझा कार्य योजना तैयार की गई. अंतरिक्ष क्षेत्र में ISRO और नॉर्वे के बीच शांतिपूर्ण उपयोग और रिसर्च को लेकर विशेष समझौता हुआ.
इटली में व्यापार और रणनीतिक सहयोग पर जोर
पांच देशों की यात्रा का अंतिम पड़ाव इटली रहा. यहां पीएम मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से विला डोरिया पैम्फिली में मुलाकात की. पीएम मोदी को औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया. दोनों नेताओं ने संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-29 की प्रगति की समीक्षा की. व्यापार, निवेश, रक्षा, ब्लू इकोनॉमी, कनेक्टिविटी, शिक्षा और तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी. इसके अलावा वैश्विक जियो-पॉलिटिकल मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई.
यह भी पढ़ें: नॉर्वे में PM मोदी से सवाल पूछने वाली पत्रकार ने इंस्टा, FB अकाउंट सस्पेंड होने का किया दावा, बोलीं- छोटा सा इनाम…



