US-Israel-Iran War: अमेरिका और ईरान में जारी जंग के बीच दो सप्ताह के सीज़फ़ायर पर सहमति बनी थी. जिसके कुछ घंटे बाद ही ईरान के लवन आइलैंड की तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया गया है. इसी बीच कुवैत ने भी दावा किया है कि सीजफायर के बावजूद ईरान की ओर से ड्रोन हमला किया गया है. कुवैत के रक्षा मंत्रालय प्रवक्ता के अनुसार, सुबह से अबतक करीब 28 ईरानी ड्रोन इंटरसेप्ट मार गिराए गए हैं. प्रवक्ता कर्नल सऊल अब्दुल अजीज अल ओतैबी के अनुसार, कुछ ईरानी ड्रोन देश के दक्षिणी हिस्सों तक पहुंचे और कई अहम ठिकानों को अपना निशाना बनाया. जिसमें बिजली घर, तेल प्लांटस पानी के डीसैलिनेशन प्लांट शामिल है. बता दें कि अमेरिका-ईरान के बीच दो सप्ताह के सीजफायर की सहमति बनी थी. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी प्रमुख की अपील के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर यह फैसला लिया गया था.
ईरान की तरफ से भेजा गया था 10 प्वाइंट का प्रस्ताव
डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से बताया गया कि ईरान की तरफ से अमेरिका को 10 प्वाइंट का प्रस्ताव भेजा गया है. वहीं ईरानी सुप्रीम नेशनल काउंसिल की तरफ से दावा किया गया था कि अमेरिका ने उनका 10 प्वाइंट का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है. ईरान की शर्तों पर समझौता हुआ है इसलिए ये हमारी जीत है.
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“लेबनान में सीजफायर समझौता लागू नहीं”
वहीं प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के ऑफिस की ओर से स्पष्ट किया गया कि अमेरिका-ईरान के बीच 2 सप्ताह का सीजफायर समझौता लेबनान में लागू नहीं होगा. लेबनान में इजरायली बलों की ओर से हमले जारी रहेंगे. इजरायल ट्रंप के ईरान पर दो हफ्ते के लिए हमले स्थगित करने के फैसले का स्थागत करता है. बशर्ते ईरान तुरंत होर्मुज खोल दे और अमेरिका इजरायल और अन्य देशों पर सभी हमले बंद कर दे.
ट्रंप ने बताया था शांति का बड़ा दिन
सीज़फ़ायर को ट्रंप ने दुनिया की शांति के लिए बड़ा दिन बताया था. उन्होंने ट्रुथ पर पोस्ट कर लिखा था कि ईरान अब संघर्ष से थक चुका है और शांति चाहता है. साथ ही अन्य पक्ष भी तनाव को खत्म करने के पक्ष में है. अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही को संभालने में मदद करेगा, ताकि व्यापार और सप्लाई सामान्य बनी रहे.



