US-Iran Ceasefire: हैदराबाद में मीडिया से बातचीत के दौरान AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने अमेरिका-ईरान के बीच दो हफ़्ते के सीज़फ़ायर सस्पेंशन पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि बहुत नाज़ुक सीज़फ़ायर हुआ है. भारत दक्षिण एशिया की बहुत बड़ी आवाज है और जहां पर अमन की बात आती थी वहां हम बड़ी भूमिका रखते आए हैं लेकिन मैं फिर से ये बात दोहरा रहा हूं कि प्रधानमंत्री के इज़रायल दौरे का समय बहुत गलत था. हम हमेशा से निष्पक्ष रहे और हममें इतनी क्षमता थी कि यदि दो पक्ष लड़ रहे हैं तो हम उन्हें साथ बैठाकर बातचीत कर सकें. मुझे लगता है कि पीएम मोदी को इस बात की समीक्षा करनी चाहिए कि क्या वजह रही कि एक पड़ोसी मुल्क जो हमेशा से हमें तंग करता रहा हो चाहें वो आतंकवाद के रूप में हो या किसी अन्य उसकी ये भूमिका रही. ईरान तो हमेशा से हमसे बड़ा करीब रहा है. हम उम्मीद करते हैं कि सरकार इसका रिव्यू करेगी और पता करेगी कि ऐसा क्यों हुआ.
“ईरान की फतह हुई है”
ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड (AISPLB) के जनरल सेक्रेटरी मौलाना यासूब अब्बास ने सीज़फ़ायर पर कहा कि हम लोग ईरान की फतह का जश्न मना रहे हैं. अमेरिका और इजरायल को जो हार मिली है, कल अमेरिका ईरान की सभ्यता को खत्म करने जा रहा था. लोगों ने पूरी तरीके से अमेरिका का बॉयकॉट किया है, इजराइल का बॉयकॉट किया है, अमेरिका-इजराइल की हर चीज का बॉयकॉट किया है. यह तय हुआ है कि अमेरिका और इजराइल के सारे प्रोडक्ट्स का बॉयकॉट करेंगे और पूरी तरीके से सो-कॉल्ड इस्लामी देशों का भी बॉयकॉट किया है. इसके अलावा ईरान की फतह को लेकर पूरे हिंदुस्तान की आवाम के साथ है. लिहाजा, ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड पूरे हिंदुस्तान में आज बताने के लिए बैठक की है कि अल्हम्दुलिल्लाह ईरान की फतह हुई है.
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“मुल्क में जश्न मनाया जा रहा है”
लखनऊ में शिया मरकज़ी चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैयद सैफ अब्बास नक़वी ने ईरान और अमेरिका के बीच हुए सीजफायर के बाद छोटे इमामबाड़े में हुई दुआ पर कहा कि हम लोग कल रात से दुआ कर रहे थे. ईरान की कामयाबी की कल रात पूरी जनता ने दुआ की है. पूरी दुनिया में दुआएं हुई हैं. ये उन्हीं दुआओं की कबूलियत है कि आज हम लोग यहां जमा हुए थे. वो जो सुपर पावर था, वो किस तरीके से जिल्लत और रुस्वाई लेकर जा रहा है. मैं कुछ नहीं कहूंगा, दुनिया देख रही है कि किस मुल्क में जश्न मनाया जा रहा है और किस मुल्क में मातम मनाया जा रहा है. भारत ने थोड़ी देर से सही, लेकिन संतुलन बनाया है.
“भारत अमेरिका-इजराइल को छोड़कर रूस-ईरान से दोस्ती करे”
उन्होंने कहा कि भारत ने जिस तरीके से शुरू में इजराइल, जो हमला करने वाला था, उससे बात की और जो ईरान पीड़ित था, उससे बात नहीं की. मैं ये समझता हूं कि पहले ईरान से बात करनी चाहिए थी और शोक संदेश देना चाहिए था. मैं ये समझता हूं कि हमारा ईरान का, हमारे मुल्क का और ईरान का जो राब्ता है, वो बहुत कदीमी और बहुत पुराना है. उसमें जो कड़वाहट भी थी, लेकिन ईरान ने जिस तरीके से हॉर्मूज से हिंदुस्तान के जहाजों को निकालकर रवाना किया, उसने अपने बड़े दिली का सबूत पेश किया. और मैं ये समझता हूँ कि आज हमारे मुल्क को चाहिए कि अमेरिका और इजराइल को छोड़ दे और रूस और ईरान से दोस्ती करे, जो हमेशा वफादार रहेंगे.



