America-Iran : आज ईरान की सुबह बमों की आवाज के साथ हुई। अमेरिका ने बुधवार तड़के ईरान के पांच शहरों में एक साथ एयर और मिसाइल स्ट्राइक की। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक चाबहार, कोनारक, तबरीज, बेहबहान और ओमीदियेह को निशाना बनाया गया। सीजफायर टूटने के बाद यह लगातार 11वीं रात है, जब अमेरिका ने ईरान पर हमला किया है।
परमाणु ठिकाने निशाने पर
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ईरान के संदिग्ध परमाणु ठिकाने पिकएक्स माउंटेन पर ‘बहुत जल्द और बहुत भारी’ हमला कर सकता है। ट्रम्प की इस चेतावनी के जवाब में ईरान ने कहा कि यदि हमले जारी रहे तो वह क्षेत्र में युद्ध का दायरा और बढ़ा सकता है। इस बीच अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बताया है कि अब तक इस युद्ध पर अमेरिका का खर्च करीब 3.6 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।
होर्मुज पर ईरान का कंट्रोल हुआ तो खतरनाक मिसाल होगी
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्काे रूबियो ने चेतावनी दी कि अगर ईरान को होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण करने दिया गया तो यह बेहद खतरनाक मिसाल होगी। रूबियो ने यह टिप्पणी फिलीपींस की राजधानी मनीला में आसियान विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान की। उन्होंने कहा कि अगर ईरान को होर्मुज पर कंट्रोल करने या वहां से गुजरने वाले जहाजों पर अपनी शर्तें लागू करने दिया गया, तो यह केवल मिडिल ईस्ट का नहीं बल्कि पूरी दुनिया का मुद्दा बन जाएगा। इससे दुनिया के दूसरे समुद्री मार्गों पर भी ऐसे दावे करने की मिसाल बन सकती है। रूबियो ने कहा, जंग से पहले होर्मुज स्ट्रेट दुनियाभर के जहाजों के लिए खुला था। अब ईरान इसे दबाव बनाने के लिए हथियार की तरह इस्तेमाल करना चाहता है। लेकिन होर्मुज किसी एक देश की संपत्ति नहीं है। कानून के तहत यह एक वैश्विक समुद्री मार्ग है।
ईरान की मिसाइल क्षमता बहाल
अमेरिका और इजराइल के हमलों के बावजूद ईरान ने अपनी मिसाइल क्षमता का एक हिस्सा फिर से बहाल कर लिया है। अमेरिकी अखबार द वॉल स्ट्रीट जर्नल (ॅैश्र) ने मंगलवार को सैन्य विशेषज्ञों और सैटेलाइट तस्वीरों के हवाले से यह दावा किया। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने कुछ भूमिगत मिसाइल ठिकानों पर दोबारा काम शुरू कर दिया है। इसके साथ ही वह अमेरिकी सेना और अमेरिका के क्षेत्रीय सहयोगियों पर मिसाइल और ड्रोन हमले भी जारी रखे हुए है। यह दावा ऐसे समय में सामने आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प और अमेरिकी अधिकारियों का कहना था कि युद्ध के दौरान किए गए हमलों से ईरान की मिसाइल क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
ईरानी मीडिया में धमकी
ईरानी अखबार की अमेरिका को धमकी- हम भी परमाणु ठिकानों को निशान बनाएंगे, ईरान के रुढ़िवादी अखबार कयहान ने बुधवार को अमेरिका को चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने ईरान के पिकऐक्स माउंटेन परमाणु केंद्र या किसी अन्य परमाणु ठिकाने पर हमला किया, तो जवाब में अमेरिका के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा। अगर ईरान के परमाणु ठिकानों पर फिर हमला हुआ, तो इस्लामिक रिपब्लिक अपनी प्रतिरोधक नीति और श्जैसे को तैसाश् के सिद्धांत के तहत गुप्त ठिकानों से अमेरिका के परमाणु केंद्रों पर विनाशकारी हमले करेगी।
ईरान जंग को अमेरिकियों का समर्थन नहीं
वहीं मीडिया में जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का ईरान के खिलाफ शुरू किया गया सैन्य अभियान अब अमेरिका के सबसे अलोकप्रिय युद्धों में गिना जाने लगा है। कई सर्वे बताते हैं कि इस युद्ध को लेकर लोगों का समर्थन इराक, अफगानिस्तान और वियतनाम युद्ध की तुलना में ज्यादा तेजी से घटा है।
आर्थिक चिंता
हालांकि, सर्वे यह भी बताते हैं कि अमेरिकी लोगों के लिए सबसे बड़ी चिंता अब भी अर्थव्यवस्था, महंगाई और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ट्रम्प को सिर्फ युद्ध नहीं, बल्कि उससे बढ़ने वाला आर्थिक दबाव ज्यादा राजनीतिक नुकसान पहुंचा सकता है।
यह भी पढ़ें – अमेरिका-ईरान युद्व: ट्रम्प के सामने 2 विकल्प- 10 दिन का सीजफायर या नई जंग
यह भी देखें- जंतर-मंतर पहुंचे सपा नेता इरफान सोलंकी | PM मोदी से छात्रों से संवाद की मांग | Student Protest



