Chardham Yatra 2026: अक्षय तृतीया के मौके पर आज रविवार को श्री यमुनोत्री धाम और श्री गंगोत्री धाम के कपाट पारंपरिक रीति-रिवाजों और वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ भक्तों के लिए खोल दिए गए हैं. यमुनोत्री धाम के कपाट शुभ समय के अनुसार गेट आधिकारिक तौर पर दोपहर 12:35 बजे खोले गए, जिससे गर्मियों की चार धाम यात्रा की औपचारिक शुरुआत हुई. कपाट खुलने के साथ ही, देश और दुनिया भर के तीर्थयात्री अब अगले 6 महीनों तक मंदिर में देवी यमुना की पूजा कर सकेंगे. कपाट खुलने के मौके पर हजारों तीर्थयात्री मंदिर के प्रांगण में मौजूद रहे और चारों तरफ हर-हर गंगे और जय मां गंगे के जयकारे लग रहे थे. इस दौरान भक्तों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई. मंदिर को भी फूलों से खूबसूरती से सजाया गया है और सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं.
क्या है धार्मिक मान्यता?
धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां यमुना यमुनोत्री धाम में भैया दूज (यम द्वितीया) तक विराजमान रहती है. इस दौरान लाखों श्रद्धालु धाम पहुंचकर दर्शन का लाभ उठाते हैं. परंपरा के अनुसार, खरशाली और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोग मां यमुना को डोली के साथ पैदल यात्रा करते हुए यमुनोत्री धाम तक जाते हैं. ये यात्रा आस्था की प्रतीक है. चारधाम यात्रा के शुभारंभ के साथ ही प्रशासन और मंदिर समिति ने यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और सुव्यवस्थित दर्शन के व्यापक इंतजाम किए हैं.
वहीं अक्षय तृतीया के मौके पर आज रविवार को डोली प्रस्थान के दौरान खरशाली और आसपास के गांवों में भावुक माहौल देखा गया. मां यमुना को ग्रामीणों ने नम आंखों से विदाई दी. ढोल-नगाड़ों, मंत्रोच्चार और जयकारों के बीच डोली यात्रा आगे बढ़ी. दरअसल, शीतकाल के दौरान मां यमुना की भोग मूर्ति खरशाली गुद्दी स्थल में विराजमान रहती है, जहां पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना और दर्शन होते हैं. ग्रीष्मकाल के आगमन के साथ ही अब मां यमुना की पूजा-अर्चना यमुनोत्री धाम में संपन्न होगी.
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गंगोत्री धाम के कपाट खुलने सीएम धामी ने की पूजा-अर्चना
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर श्री गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के समारोह में भाग लिया. वहीं उन्होंने एक्स पर एक वीडियो शेयर किया है. साथ ही लिखा कि समस्त प्रदेशवासियों एवं सनातन धर्मावलंबियों को आज से प्रारंभ हो रही पवित्र चारधाम यात्रा- 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं. देवभूमि उत्तराखंड में आप सभी श्रद्धालुओं का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन है. यात्रा के दौरान निर्धारित नियमों का पालन करें तथा पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इस पावन यात्रा को प्लास्टिक मुक्त बनाने में अपना सक्रिय सहयोग प्रदान करें. प्रभु से प्रार्थना है कि यह पवित्र यात्रा आप सभी के जीवन में सुख, समृद्धि एवं आध्यात्मिक उन्नति लेकर आए.
केदारनाथ धाम के कपाट कब खुलेंगे?
चार धाम यात्रा की शुरुआत के बाद 22 अप्रैल की सुबह 8 बजे 11वें ज्योतिर्लिंग बाबा केदारनाथ धाम के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे. 23 अप्रैल को ब्रदीनाथ धाम के कपाट खोले जाएंगे.



