Women Reservation Bill Controversy: लोकसभा में सीटें बढ़ाने के लिए लाया गया 131वां संशोधन बिल खारिज हो गया. एनडीए सरकार लोकसभा में बिल को पास नहीं करा पाई. लोकसभा में बिल 54 वोट से गिर गया. जिसको लेकर बीजेपी लगातार विपक्षी पार्टियों पर हमलावर है. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस समेत विपक्ष की अन्य पार्टियों पर निशाना साधा है. सीएम योगी (Yogi Adityanath) ने कहा कि हम कह सकते हैं कि आधी आबादी के मन में विपक्ष के नारी विरोधी आचरण के बारे में भारी आक्रोश है. ये आक्रोश कांग्रेस, राजद, TMC, DMK, सपा और अन्य दलों के खिलाफ देखने को मिल रहा है जो इस पाप के भागीदार थे. जब प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रिपल तलाक पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया तब ट्रिपल तलाक के खिलाफ बनाए गए कानून का भी कांग्रेस और INDI गठबंधन के अन्य सहयोगियों ने विरोध किया था. कांग्रेस को देश में सबसे अधिक समय तक शासन करने का अवसर प्राप्त हुआ लेकिन नारी, गरीब, युवा और किसान के लिए किसी भी अच्छे प्रोग्राम को आगे नहीं बढ़ा पाए.
“महिलाओं को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं”
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Samrat Chaudhary) ने कहा कि बिहार विधानसभा में सिर्फ 29 महिला विधायक हैं. अगर यह बिल पास हो जाता, तो कम से कम 122 विधायक होतीं. प्रधानमंत्री मोदी लगातार महिलाओं को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं. जब 2006 में बिहार में NDA की सरकार बनी थी, तो पंचायती राज और नगर निकायों में महिलाओं के लिए 50% आरक्षण दिया गया था. आज मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि बिहार में 50% आरक्षण है लेकिन बिहार में 59% से ज़्यादा महिलाएं चुनाव जीत रही हैं. लोग कहते हैं कि बिल पहले पास हो गया था. PM मोदी की सरकार आश्वासन दे रही थी. अमित शाह भी आश्वासन दे रहे थे कि बिल के माध्यम से 543 सांसद की जगह पर 816 और फिर इसे 850 तक बढ़ाने का प्रस्ताव था. अगर यह बिल पास हो जाता, तो देश में 816 सांसदों में से 272 सांसद महिलाएं होतीं.
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“खामियाजा आने वाले समय में भुगतना पड़ेगा”
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (Vishnu Dev Sai) ने कहा ने कहा कि आज हम आपके बीच बहुत दुखी मन से उपस्थित हुए हैं. हमारी माता-बहनों का संसद और विधानसभा में 33% नेतृत्व सुनिश्चित करने के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया गया था. जिस तरह से कांग्रेस, सपा, TMC के लोगों ने इस अधिनियम को पारित नहीं होने दिया. आज 70 करोड़ महिलाओं की खुशियों पर पानी फेरने का काम कांग्रेस ने किया. इसकी जितनी निंदा की जाए वो कम है. हमारी माताएं और बहनें INDI गठबंधन को माफ करने वाली नहीं हैं. इसका खामियाजा उन्हें आने वाले समय में भुगतना पड़ेगा.
“हमारे लिए कष्टकारी और निंदनीय है”
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Mohan Yadav) ने कहा कि जो घटनाक्रम इसी लोकतंत्र में एक निर्णायक दौर तक पहुंच गया था. हम सभी ने उस घटना को, उसके कारण को, घटना को दुर्घटना में बदलने वालों को गौर से देखा है. सभी के भाव सामने आ गए. बहनों की इज़्ज़त के साथ खेलने का घटनाक्रम संसद में जो हुआ है, यह हमारे लिए कष्टकारी और निंदनीय है.



