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जो किसी देश के पास नहीं उस हथियार का अमेरिका ने किया इस्तेमाल

american weapons

Special Weapon : जो हथियार किसी देश के पास नहीं है उस गुप्त हथियार का इस्तेमाल अमेरिका ने वेनेजुएला में किया था। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दावा किया है कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के अभियान के दौरान अमेरिकी सेना ने डिस्कॉम्बोबुलेटर नाम के एक हथियार का इस्तेमाल किया. अमेरिकी मीडिया को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने संकेत दिया कि मादुरो को गिरफ्तार करने के अभियान के दौरान अमेरिका ने एक गुप्त हथियार का इस्तेमाल किया था. ट्रंप ने आगे कहा कि डिस्कॉम्बोबुलेटर, मुझे इसके बारे में बात करने की अनुमति नहीं है.

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति संभवत कई अलग-अलग सैन्य क्षमताओं को एक ही नाम से संबोधित कर रहे थे. अधिकारी के अनुसार अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के पूर्व वॉर्निंग सिस्टम और हवाई सुरक्षा को डीएक्टिवेट करने के लिए साइबर ऑपरेशनों का सहारा लिया.

अमेरिकी सेना के पास विशेष सिस्टम

रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि अमेरिकी सेना के पास पहले से ही नॉन लेथल एनर्जी सिस्टम मौजूद हैं, जिनमें एक्टिव डेनियल सिस्टम (एडीएस) भी शामिल हैं, हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इस ऑपरेशन में एडीएस का उपयोग किया गया था या नहीं. एडीएस एक इनविजिबल रे छोड़ता है, जो बॉडी में घुसकर गर्मी का एहसास पैदा करता है, जिससे व्यक्ति को चोट पहुंचाए बिना पीछे हटने के लिए मजबूर होना पड़ता है.

ट्रंप ने सोनिक हथियार का भी जिक्र किया

एक चौनल से बातचीत में ट्रंप ने सोनिक हथियार का भी जिक्र किया और बताया कि इसका इस्तेमाल एक किलेबंद सैन्य क्षेत्र के अंदर मादुरो की सुरक्षा कर रहे क्यूबा के गार्डों के खिलाफ किया गया था. ट्रंप ने कहा कि यह किसी और के पास नहीं है और हमारे पास ऐसे हथियार हैं, जिनके बारे में किसी को पता नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि मेरा मानना है कि इनके बारे में बात न करना ही बेहतर है, लेकिन हमारे पास कुछ बेहद शक्तिशाली हथियार हैं. वह हमला बेहद भयावह था. यह मत भूलिए कि वह घर एक किले और सैन्य अड्डे के बीचों बीच स्थित था.

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क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

एक्सपर्ट्स का कहना है कि लॉन्ग रेंज एकॉस्टिक डिवाइस (एलआरएडी) जैसे उपयोग अमेरिकी सेना की ओर से भीड़ कंट्रोल के लिए पहले से ही किया जाता रहा है. एक अन्य सिस्टम जिसे अक्सर ध्वनि हथियार कहा जाता है, वो है सक्रिय निषेध प्रणाली (एडीएस) है. एडीएस लोगों को तेजी से तितर-बितर कर सकती है, लेकिन यह इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में दखल नहीं देती है. ट्रंप ने डिस्कॉम्बोबुलेटर में इसी खासियत का जिक्र किया था.

एक्सपर्ट्स का कहना है कि आधिकारिक तौर पर डिस्कॉम्बोबुलेटर नाम का कोई मान्यता प्राप्त आर्मी सिस्टम नहीं है. रक्षा विश्लेषकों का सुझाव है कि यह शब्द साइबर युद्ध और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के मिश्रण का एक रूप हो सकता है. इलेक्ट्रॉनिक युद्ध, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम में हेरफेर या उसे दबा सकता है, जिससे रडार सिस्टम भ्रमित हो जाता है और कम्युनिकेशन थम जाता है. जीपीएस और सेंसर भी प्रभावित होते हैं. अमेरिका का इसी तरह की नई सैन्य क्षमताओं को लागू करने का लंबा इतिहास रहा है. 1991 के खाड़ी युद्ध के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर का बड़े पैमाने पर उपयोग किया गया था.

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