Iran US Tensions: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान ने उनकी हत्या की कोशिश की तो अमेरिका ऐसा हमला करेगा,जो पहले कभी नहीं देखा होगा. ट्रंप ने सोशल मीडिया ट्रूथ पर लिखा कि ईरान की ओर 1000 मिसाइलें तैयार है और जरूरत पड़ने पर हजारों और मिसाइलें दागी जाएंगी. ईरान को पूरी तरह तबाह कर दिया जाएगा. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान पर जवाबी कार्रवाई के आदेश पहले ही दिए जा चुके हैं अमेरिकी सेना इसके लिए पूरी तरह से तैयार है.
वहीं दूसरी तरफ इजराइली मीडिया कान न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार , अमेरिका ने इजराइल से अपने 12 F-22 स्टेल्थ फाइटर जेट वापस बुलाने शुरू कर दिए हैं. इजराइल के ओवदा एयरबेस पर विमान फरवरी से तैनात था. रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि फाइटर जेट को ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान के लिए भेजा गया था और इन्होंने हाल ही दिनों में हमलों में हिस्सा लिया था.
“ईरान अपनी रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार”
ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने इससे पहले अमेरिका को सख्त संदेश दिया था. उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका पिछले महीने हुए मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग से पीछे हटता है तो ईरान रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है. इंडोनेशिया की पीपुल्स कंसल्टेटिव असेंबली के स्पीकर अहमद मुजानी से मुलाकात के बाद अपने आधिकारिक टेलीग्राम पोस्ट में गालिबाफ ने कहा कि हालिया शांति वार्ता के दौरान उन्होंने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से साफ कह दिया था ईरान को अमेरिका पर जरा भी भरोसा नहीं है.
मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि वार्ता के दौरान मैंने जेडी वेंस से साफ कहा था कि हमें आप पर बिल्कुल भरोसा नहीं है. मेरी राय में केवल वहीं देश अमेरिका से बातचीत कर सकता है, जो युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार हो. हमने अपने देश की रक्षा की तैयारी कभी बंद नहीं की. जिस क्षण अमेरिका किसी भी समझौते से पीछे हटेगा, हम पूर्ण स्तर की रक्षा के लिए तैयार है.
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