Victim girl : जयपुर के जगतपुरा इलाके में पुलिसकर्मी द्वारा मोमोज बेच कर गुजारा करने वाली युवती का ठेला उलट देने और गर्म पानी फेंक कर झुलसा देने के मामले में पुलिस प्रशासन ने एक्शन लेते हुए आरोपी पुलिसकर्मी को लाइन हाजिर कर दिया है। राज्य पुलिस प्रशासन की इस कार्यवाही को नाकाफी बताते हुए पीडित युवती ने कहा है कि आरोपी पुलिसकर्मी को लाइन हाजिर कर देना पूरा न्याय नहीं है मुझे पूरा न्याय चाहिए और पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही हो।
आरोपी पुलिसकर्मी नरेंद्र को लाइन हाजिर किया
उधर रामनगरिया थाना क्षेत्र में पुलिसकर्मी के मोमोज बेचने वाली युवती पर खौलता पानी फेंकने के मामले में पुलिस विभाग ने एक्शन लिया है। आरोपी कॉन्स्टेबल नरेंद्र को शनिवार देर रात लाइन हाजिर कर दिया गया। साथ ही सरकार ने पीड़िता के इलाज का पूरा खर्च उठाने, आर्थिक सहायता देने और परिवार के पुनर्वास के लिए डेयरी बूथ आवंटित करने की घोषणा की है।
मेरी कोई डिमांड नहीं सरकार खुद निर्णय कर रही
राज्य सरकार ने पीड़िता के इलाज का पूरा खर्च उठाने, आर्थिक सहायता देने और परिवार के पुनर्वास के लिए डेयरी बूथ आवंटित करने की घोषणा पर पीडित युवती का कहना है कि मेरी सरकार से ऐसी कोई डिमांड नहीं है। सरकार अपने मन से मेरे लिए फैसला ले रही है। मैं चाहती हूं सरकार मुझे न्याय दिलाए। मेरे भविष्य को ध्यान में रखते हुए फैसला ले। मैं एक औरत हूं। बचपन से सिखाया गया है औरत के चेहर पर एक छोटा सा दाग भी हो जाए तो उनका भविष्य खराब हो जाता है। उनकी शादी नहीं होती, यहां मेरे शरीर का आधा हिस्सा जल चुका है। मेरे प्राइवेट पार्ट्स जल चुके है। मैं सिर्फ यहीं कहुंगी की सरकार मुझसे मिलकर एक बार मेरा दर्द देखें कि मैं कितनी तकलीफ में हूं।
मामला उत्तर प्रदेश तक पहुंचा
अब ये मामला उत्तर प्रदेश तक पहुंच गया है। यूपी के अलग-अलग संगठनों ने यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ, राष्ट्रीय महिला आयोग और उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग को पत्र भेजकर युवती की सुरक्षा, पुनर्वास और सम्मानजनक रोजगार की मांग की है। बता दें कि रेशु गुप्ता मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अंबेडकर जिले की रहने वाली है। पिता के निधन के बाद अपनी बहन के साथ रोजगार की तलाश में जयपुर आई थीं। घटना को लेकर 22 जून को पीड़ित युवती की बहन ने रामनगरिया थाने में एफआईआर दर्ज करवाई थी। उत्तर प्रदेश से संचालित रेहड़ी-पटरी संचालक राष्ट्रीय संगठन ने इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राष्ट्रीय महिला आयोग और उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग को पत्र भेजकर पीड़िता के लिए न्याय और पुनर्वास की मांग की है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्याम किशोर गुप्ता ने पत्र में बताया कि वर्ष 2020 में रेशु के पिता लाल बहादुर गुप्ता के निधन के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं पर आ गई थी। ऐसे में जयपुर में हुई यह घटना उनके जीवन पर गहरा असर डालने वाली है।
महिला आयोग से स्वतः संज्ञान लेने की मांग
रेहडी-पटरी संचालक संगठन के अध्यक्ष ने अपने पत्र में राष्ट्रीय महिला आयोग और उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग से आग्रह किया गया है कि वे इस अमानवीय घटना का स्वतः संज्ञान लें और पीड़िता के पुनर्वास, सुरक्षा एवं आर्थिक सहायता के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
यूपी में वेंडिंग जोन उपलब्ध कराने की अपील
संगठन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अनुरोध किया है कि रेशु गुप्ता को उत्तर प्रदेश के किसी प्रमुख शहर में विकसित वेंडिंग जोन में स्थान उपलब्ध कराया जाए, ताकि उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक रोजगार मिल सके। इसके साथ ही प्रदेश में अधिक से अधिक सुव्यवस्थित वेंडिंग जोन विकसित करने की भी मांग की गई है, ताकि आर्थिक मजबूरी के कारण युवाओं और रेहड़ी-पटरी संचालकों को दूसरे राज्यों में पलायन न करना पड़े।
यह भी पढ़ें : राजस्थान प्रदेश महिला कांग्रेस ने की पीड़ित युवती को न्याय देने की मांग
यह भी देखें: ‘वोट लिया, विकास नहीं दिया’ विधायक राज्यवर्धन सिंह राठौड़ पर ग्रामीणों का बड़ा आरोप



