Hormuz Strait: ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य अब युद्ध से पहले जैसी स्थिति में कभी नहीं लौटेगा. स्विट्जरलैंड में अमेरिका के साथ वार्ता के बाद लौटे गालिबाफ ने कहा कि इस अहम समुद्री मार्ग का प्रबंधन अब ईरान अपनी रणनीति के अनुसार करेगा, हालांकि अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन जारी रहेगा. उन्होंने अमेरिका पर अविश्वास जताते हुए कहा कि ईरान ने बातचीत में अपनी ताकत दिखाई है. गालिबाफ के अनुसार वार्ता से क्षेत्रीय तनाव कम करने में मदद मिली है और ईरान के आर्थिक हितों को भी लाभ पहुंच सकता है.
ईरान अपने तरीके से करेगा प्रबंधन
गालिबाफ ने कहा कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल होर्मुज स्ट्रेट की निगरानी और प्रबंधन अब ईरान अपनी सुरक्षा और रणनीतिक जरूरतों के अनुरूप करेगा.हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस दौरान अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों और नियमों का पालन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि अमेरिका पर अविश्वास दोहराते हुए कहा कि ईरान ने कभी भी अमेरिका पर भरोसा नहीं किया है और आगे भी नहीं करेगा. हमने कभी अमेरिकियों पर भरोसा नहीं किया, आज भी नहीं करते और भविष्य में भी सतर्क रहना ही समझदारी होगी.
ट्रंप की पोस्ट बदलने का दावा
गालिबाफ ने दावा किया कि बातचीत के दौरान ईरान ने अपनी कूटनीतिक और राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया. उनके अनुसार, ईरान के दबाव के कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सोशल मीडिया पर अपनी एक पोस्ट में बदलाव करना पड़ा. उस पोस्ट में ट्रंप ने ईरान से लेबनान में हिजबुल्लाह जैसे सहयोगी संगठनों की मदद बंद करने की चेतावनी दी थी. गालिबाफ ने कहा कि यदि ईरान स्विट्जरलैंड में हुई बातचीत का हिस्सा नहीं बनता तो लेबनान में मुसलमानों और शिया समुदाय के लोगों का और अधिक खून बह सकता था. उनके मुताबिक,वार्ता ने क्षेत्र में तनाव को बढ़ने से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
खामेनेई के नेतृत्व में एकता का संदेश
ईरानी नेता ने देशवासियों से सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद मोजतबा खामेनेई के नेतृत्व में एकजुट रहने की अपील की. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हितों से जुड़े मामलों में खामेनेई का निर्णय ही अंतिम और सर्वोपरि होगा. गालिबाफ ने बताया कि वार्ता के सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं. उन्होंने दावा किया कि ईरान के रोके गए वित्तीय संसाधनों की वापसी और तेल निर्यात पर लगे कुछ प्रतिबंधों में ढील मिलने की संभावना है. उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया अमेरिका और ईरान के बीच दुश्मनी कम करने के उद्देश्य से बने 14 सूत्रीय समझौते (MoU) का हिस्सा है. दोनों पक्ष एक उच्चस्तरीय समिति के गठन और अगले 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते के रोडमैप पर सहमत हुए हैं.
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