Gold : दुनिया के बड़े निवेशकों की ताजा राय में सोने के भाव को लेकर ऐसा संकेत दिया है जिसने बाजार को चौंका दिया है. बैंक ऑफ अमेरिका के ताजा सर्वे के मुताबिक, सोने को ओवरवैल्यूड यानी जरूरत से ज्यादा महंगा मानने वाले निवेशकों की संख्या अब शुरुआती 2024 के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है. सरल भाषा में समझें तो दुनिया के बड़े फंड मैनेजर अब यह नहीं मान रहे कि सोना अपनी क्षमता से बहुत ज्यादा ऊपर चला गया है यानी रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बावजूद सोने को लेकर डर कम हुआ है और भरोसा बढ़ा है. यह स्थिति पिछले करीब ढाई साल में पहली बार देखने को मिली है.
आखिर ओवरवैल्यूड का मतलब क्या होता है?
जब किसी एसेट की कीमत इतनी बढ़ जाए कि निवेशकों को लगे अब उसमें ज्यादा बढ़त की गुंजाइश नहीं बची है, तब उसे ओवरवैल्यूड कहा जाता है. लेकिन Bank of America के सर्वे में जो बदलाव दिखा है, वह बताता है कि बड़े निवेशक अभी भी सोने में आगे की संभावनाएं देख रहे हैं. यही वजह है कि सोने को लेकर उनका नजरिया पहले से ज्यादा पॉजिटिव हुआ है.
रिकॉर्ड भाव के बावजूद क्यों बढ़ा भरोसा?
यह सवाल हर निवेशक के मन में है. आमतौर पर जब कोई एसेट लगातार रिकॉर्ड स्तरों पर पहुंचता है तो निवेशकों को मुनाफावसूली और गिरावट का डर सताने लगता है. लेकिन सोने के मामले में तस्वीर अलग दिखाई दे रही है. सर्वे कहता है कि ग्लोबल आर्थिक अनिश्चितता, जियोपॉलिटिकल टेंशन, सेंट्रल बैंकों की ओर से जारी खरीदारी और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग ने सोने की तेजी को बढ़ाया है आगे भी यहीं कारण तेजी को बढ़ाएंगे. यही वजह है कि कीमतें महंगी होने के बावजूद निवेशकों का भरोसा बना हुआ है.
जुलाई में क्या हो सकता है ?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जुलाई 2026 में सोने का भाव किस दिशा में जा सकता है? भारत में फिलहाल सोने का भाव करीब 1.45 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम है. वहीं डॉलर का भाव लगभग 95 रुपये माना जाए तो अंतरराष्ट्रीय कीमतों का असर भारतीय बाजार पर पहले से ज्यादा दिखाई देता है. ब्रोकेरेज हाउसों की रिपोर्ट्स को देखें तो जुलाई में सोने के लिए तस्वीर अभी भी पॉजिटिव नजर आती है. हालांकि अलग-अलग संस्थानों के अनुमान अलग हैं, लेकिन ज्यादातर रिपोर्ट्स यह संकेत देती हैं कि सोने में मजबूती बनी रह सकती है.
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