PM Modi Italy Visit: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पांच देशों के विदेश दौरे के आखिरी पड़ाव में मंगलवार को इटली की राजधानी रोम पहुंचे थे. जहां उनका इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने स्वागत किया. वहीं आज बुधवार को पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि रोम पहुंचने पर मुझे प्रधानमंत्री मेलोनी के साथ रात्रिभोज पर मिलने का अवसर मिला, जिसके बाद हमने मशहूर कोलोसियम का दौरा किया. हमने कई विषयों पर विचार साझा किए. मैं आज होने वाली हमारी बातचीत का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं. जिसमें हम भारत-इटली मित्रता को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा जारी रखेंगे.
Upon landing in Rome, had the opportunity to meet Prime Minister Meloni over dinner followed by a visit to the iconic Colosseum. We exchanged perspectives on a wide range of subjects. Looking forward to our talks today, where we will continue the conversation on how to boost the… pic.twitter.com/df0bDYKCdU
— Narendra Modi (@narendramodi) May 20, 2026

“हमारे देश का गौरव बढ़ाता रहता है”वहीं दूसरे एक्स पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा कि इटली में भारतीय समुदाय द्वारा रोम में कल शाम किए गए गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए मैं अत्यंत आभारी हूं. भारत के प्रति उनका गहरा स्नेह और भारत-इटली संबंधों को सुदृढ़ करने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता वास्तव में सराहनीय है. भारतीय प्रवासी समुदाय दुनिया भर में हमारे देश का गौरव बढ़ाता रहता है.

“रोम में काशी की एक झलक”
तीसरे पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा कि रोम में काशी की एक झलक! इटालियन चित्रकार जियानपाओलो टैमासेट्टी ने वाराणसी पर अपना कार्य प्रस्तुत किया. भारतीय संस्कृति के प्रति उनका जुनून चार दशकों से अधिक पुराना है.1980 के दशक में उन्होंने वैदिक संस्कृति पर पुस्तकों के लिए एक इलस्ट्रेटर के रूप में काम शुरू किया था. 2008 से 2013 के बीच उन्होंने महाभारत से संबंधित 23 बड़े चित्रों पर कार्य किया था.
“मेरे दोस्त, रोम में आपका स्वागत है”
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया. उन्होंने अपनी पोस्ट के साथ पीएम मोदी के साथ एक तस्वीर साझा की. तस्वीर के साथ- मेरे दोस्त, रोम में आपका स्वागत है. मेलोनी द्वारा शेयर की गई तस्वीर में दोनों नेता इटली के मशहूर ऐतहासिक स्थल कोलोसियम के सामने खड़े दिखाई दे रहे हैं.



