Bazaar: भारत हो या एशियाई बाजार, दुनिया के अधिकतर बाजारों में बिकवाली के चलते स्टॉक मार्केट भी युद्व की आग में झुलस गए हैं। अधिकतर सेक्टर्स के निफ्टी इंडेक्स फिलहाल लाल हैं। भारतीय घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स और निफ्टी 50 की गिरावट आई । फिलहाल सेंसेक्स 359.52 प्वाइंट्स की गिरावट के साथ 78,156.97 और निफ्टी 50 भी 73.50 प्वाइंट्स की फिसलन के साथ 24,304.60 पर है।
मार्केट धड़ाम
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव- पश्चिमी एशिया में चल रही जंग को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर का ऐलान तो हुआ है लेकिन अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है। बातचीत आगे बढ़ नहीं पा रही है, जिससे बाजार में घबराहट है।
देशी-विदेशी निवेशकों की बिकवाली
अधिकतर दिनों में जब विदेशी निवेशक धड़ाधड़ बिकवाली करते थे तो घरेलू संस्थागत निवेशक खरीदारी कर मार्केट को संभालने की कोशिश करते थे। हालांकि 22 अप्रैल को ऐसा हुआ कि विदेशी और देशी, दोनों संस्थागत निवेशकों ने ताबड़तोड़ बिकवाली की जिसके चलते आज मार्केट पर दबाव बना। एफआईआई ने 22 अप्रैल को ₹2078 करोड़ के शेयरों की नेट बिकवाली की तो डीआईआई ने ₹1048 करोड़ के शेयरों की नेट बिकवाली की।
कच्चे तेल में उबाल
अमेरिका और ईरान के बीच सहमति नहीं बनने और होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी पर कच्चा तेल फिर उबल पड़ा और प्रति बैरल यह 100 डॉलर के पार चला गया। इसकी आंच में दुनिया के अधिकतर बाजार झुलस गए। कच्चे तेल की महंगाई ने महंगाई बढ़ने की तेज रफ्तार, चालू खाते के घाटे में उछाल और मैक्रो लेवल पर अस्थिरता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
यह भी पढ़ें : अमेरिका और यूरोप से पहले Tesla ने 6 सीटर SUV भारत में की लॉन्च
कमजोर रुझान
अमेरिकी मार्केट में नास्डाक और एसएंडपी500 ओवरनाइट ग्रीन बंद हुए लेकिन यूरोपीय मार्केट में हाहाकार रहा। एशिया के भी सभी अहम बाजारों में आज बिकवाली की आंधी चल रही।जापान का निक्केई 225, सिंगापुर का स्ट्रेट टाइम्स, ताइवान का ताइवान वेटेड और इंडोनेशिया का जकार्ता कंपोजिट 1-1% से अधिक टूट गया तो चीन का शंघाई कंपोजिट भी करीब 0.75% और दक्षिण कोरिया का कोस्पी करीब आधा फीसदी कमजोर हुआ है।
यह भी देखें : राजस्थान बार काउंसिल चुनाव 2026 में बवाल! जयपुर हाईकोर्ट में फर्जी वोटिंग पर हंगामा, मतदान स्थगित



