Tesla : अमेरिका और यूरोप से पहले भारतीय सडकों पर अब लग्जरी कार बनाने वाली कंपनी टेस्ला की 6 सीटर इलेक्ट्रिक कार दौडती दिखाई देगी। अमेरिका की इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली कंपनी टेस्ला ने अपनी लोकप्रिय 6-सीटर वर्जन भारत में लॉन्च कर दिया है। जुलाई 2025 में भारतीय बाजार में एंट्री के बाद यह कंपनी का पहला बड़ा प्रोडक्ट लॉन्च है। इस ईयू में लंबा व्हीलबेस दिया गया है, जिससे अंदर ज्यादा जगह मिलती है। कीमत की बात करें तो टेस्ला मॉडल वाई एल की एक्स-शोरूम कीमत 61.99 लाख रुपये (ऑन-रोड करीब 63.12 लाख रुपये) रखी गई है। यह स्टैंडर्ड 5-सीटर ज्मेसं डवकमस ल् से थोड़ी महंगी है, जिसकी कीमत 59.89 लाख रुपये है, जैसा कि कंपनी की वेबसाइट पर बताया गया है। Model Y L को खासतौर पर जापान, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे एशिया-पैसिफिक मार्केट में लॉन्च किया गया है, जबकि चीन इसका मुख्य प्रोडक्शन और बिक्री केंद्र है। यह मॉडल अभी तक अमेरिका या यूरोप में उपलब्ध नहीं है।
प्रीमियम EV सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा
भारत में, Model YL का मुकाबला Mercedes-Benz EQS SUV, Mercedes-Benz EQB और MG M9 जैसी थ्री-रो वाली लग्जरी इलेक्ट्रिक गाड़ियों से होगा, जिनकी कीमत 70 लाख रुपये से 1.4 करोड़ रुपये के बीच है।दुनिया भर में मजबूत ब्रांड पहचान होने के बावजूद , भारत में Tesla की शुरुआत अब तक धीमी रही है। सितंबर 2025 के अंत में डिलीवरी शुरू होने के बाद से, कंपनी बिक्री बढ़ाने के लिए संघर्ष कर रही है और इस साल की शुरुआत में उसने अपने 2025 के स्टॉक पर 2 लाख रुपये तक की छूट भी दी थी। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के आंकड़ों के अनुसार, Tesla ने भारत में अपने पहले छह महीनों में केवल 342 वाहनों का रजिस्ट्रेशन दर्ज किया, यानी हर महीने औसतन 60 से कम यूनिट्स की बिक्री हुई।
मार्केट परफॉर्मेंस और चुनौतियां
तुलना करें तो, भारत के लग्जरी EV सेगमेंट में बाजार की लीडर BMW ने FY 2026 में औसतन 295 इलेक्ट्रिक कारें हर महीने बेचीं, जबकि Mercedes-Benz ने लगभग 87 यूनिट हर महीने बेचीं। इन दोनों ब्रांडों को लोकल असेंबली का फायदा मिलता है, जिससे वे अपेक्षाकृत कम कीमत पर गाड़ियां बेच पाते हैं, भले ही वे Tesla से ऊपर के सेगमेंट में आती हों। इसके मुकाबले, Tesla अपनी गाड़ियां चीन से इंपोर्ट करती है और 100-110% इंपोर्ट ड्यूटी का भुगतान करती है, जिससे उसकी कारें ग्लोबल मार्केट की तुलना में काफी महंगी हो जाती हैं। भारत के लग्जरी इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बाजार में FY 2026 के दौरान कुल 5,308 यूनिट्स की बिक्री हुई। इसमें BMW, Mercedes-Benz, Volvo और Tesla जैसी कंपनियां शामिल रहीं, जिसमें Tesla की हिस्सेदारी 6% रही। प्रीमियम EV सेगमेंट में अन्य बड़े खिलाड़ी भी मौजूद हैं, जैसे Kia, MG Motor और BYD। हालांकि, Model Y L भारत में Tesla के पोर्टफोलियो को मजबूती प्रदान करता है, लेकिन कड़ी प्रतिस्पर्धा और भारी इंपोर्ट ड्यूटी के बीच बिक्री बढ़ाना कंपनी के लिए एक चुनौती बना हुआ है।
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