LPG Crisis in India: ईरान-इजरायल अमेरिका युद्ध का असर अब देश के अलग-अलग राज्यों में देखने को मिल रहा है. बड़ी-बड़ी फक्ट्रियों में ताला लगने से मजदूर पलायन को मजबूर हो गए हैं. ऐसा ही कुछ नजारा आज रविवार को सूरत के उधना रेलवे स्टेशन पर दिखाई दिया. यूपी-बिहार जाने वाली ट्रेनों से घर वापसी के लिए हजारों मजदूर स्टेशन पर पहुंचे. हालात बेकाबू होते देख पुलिस और आरपीएफ के जवानों को लाठीचार्ज करना पड़ा.
पुलिस-आरपीएफ जवानों ने किया लाठीचार्ज
उधना रेलवे स्टेशन पर रविवार को सुबह करीब साढ़े 11 बजे उधना-हसनपुर ट्रेन से जाने के लिए यात्री लाइनों में खड़े थे. तभी कुछ यात्रियों ने लाइन तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की. स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस और आरपीएफ के जवानों मोर्चा संभाला. भीड़ को कंट्रोल करने के लिए लाठीचार्ज किया गया. इस दौरान भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें लोग पुलिस की मार से बचने के लिए लोहे की जालियों से कूदते नजर आए.
“भीड़ की वजह से व्यवस्था बनाए मुश्किल हो गया”
रेलवे अधिकारी अनुभव सक्सेना के मुताबिक, 6 ट्रेनों के जरिए 21 हजार से ज्यादा यात्रियों को रवाना किया जा चुका है. भीड़ की वजह से व्यवस्था बनाए मुश्किल हो गया. यात्रियों से बार-बार लाइन में चलने की अपील की गई, लेकिन अव्यवस्था की वजह से पुलिस को सख्त कदम उठाने पड़े. स्टेशन पर भीड़ के पीछे समर वेकेशन भी एक वजह है और दूसरा 1-2 महीने से एलपीजी क्राइसिस के चलते कामगारों का पलायन जारी है. गर्मी की छुट्टियों और एलपीजी संकट के चलते यात्रियों की संख्या दोगुनी हो गई है.
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“हमारा काम व्यवस्था बनाए रखना है”
वहीं लाठीचार्ज पर रेलवे अधिकारी ने बताया कि यात्रियों को स्टेशन तक लाया जा रहा था, उसी वक्त कुछ लोगों ने लाइन तोड़ने की कोशिश की. लोगों से अपील की गई कि व्यवस्था बनाए रखें, फिर भी लोग लाइन तोड़कर निकलने लगे, जिसके बाद लाठीचार्ज किया गया. हमारा काम व्यवस्था बनाए रखना है.
LPG संकट से सूरत की वीविंग इंडस्ट्री को लगा बड़ा झटका
LPG संकट से सूरत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री को बड़ा झटका लगा है. करीब 30 प्रतिशत यानी 3 लाख मजदूर पलायन कर चुके हैं. इंडस्ट्री को रोजाना करीब 15 हजार गैस सिलेंडर की आवश्यकता है. लेकिन सप्लाई धीमी है. मजदूरों के जाने से नुकसान बढ़ने का खतरा बना हुआ है.



