Pop : कैथोलिक ईसाइ धर्मगुरु पोप लियो ने कहा है कि वह युद्ध के खिलाफ अपनी आवाज उठाना जारी रखेंगे, भले ही उन्हें आलोचना का सामना करना पड़े। पोप लियो का यह बयान उस समय आया है जब ट्रम्प ने हाल ही में उनकी आलोचना की थी। हालांकि, पोप ने साफ किया कि वह इस मुद्दे पर किसी तरह की बहस में नहीं पड़ना चाहते।
युद्व के खिलाफ बोलेंगे
पोप ने कहा कि वह आगे भी खुलकर युद्ध के खिलाफ बोलते रहेंगे और दुनिया में शांति, बातचीत और देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देंगे। उन्होंने कहा कि बहुत सारे निर्दाेष लोग मारे जा रहे हैं। किसी को खड़े होकर यह कहना होगा कि इससे बेहतर रास्ता भी है। पोप लियो इस समय 10 दिनों के अफ्रीका दौरे पर हैं, जहां वह चार देशों का दौरा करेंगे। यह उनका पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय दौरा है।
पोप का ट्रम्प से डिबेट करने से इनकार
पोप लियो ग्प्ट ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ किसी भी तरह की बहस से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि उनका काम राजनीति करना नहीं, बल्कि दुनिया में शांति का संदेश देना है। हाल ही में ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट लिखकर पोप लियो की आलोचना की थी। उन्होंने पोप को कमजोर और विदेश नीति के लिए खराब बताया था। सोमवार को अफ्रीका के अल्जीरिया दौरे के दौरान पोप लियो ने पत्रकारों से कहा- मैं कोई राजनेता नहीं हूं और मेरा ट्रम्प से बहस करने का कोई इरादा नहीं है।श् उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका मुख्य काम दुनिया में शांति को बढ़ावा देना है। पोप लियो ने हाल ही में ईरान युद्ध पर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि दुनिया में बढ़ती आक्रामकता और ताकत का घमंड खतरनाक है और इससे बचने के लिए प्रार्थना और शांति जरूरी है।
ट्रम्प ने पोप लियो को विदेश नीति के लिए खराब बताया
ट्रम्प ने कैथोलिक ईसाई धर्मगुरु पोप लियो सोलहवें को विदेश नीति के लिए खराब बताया है। सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट में ट्रम्प ने कहा कि पोप का रुख विदेश नीति के मामलों में सही नहीं है। दरअसल पिछले हफ्ते पोप लियो ने ईरान को लेकर ट्रम्प की धमकियों और बयानबाजी की आलोचना की थी। ट्रम्प ने कहा कि वह ऐसे पोप को नहीं चाहते जो ईरान के परमाणु हथियार रखने के मुद्दे पर नरम रुख अपनाएं।
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