US-Israel-Iran War: मिडिल ईस्ट में चल रही जंग के बीच होर्मुज स्ट्रेट पर बयानबाजी तेज हो गई है. ईरान के उप ससंद अध्यक्ष हाजी बाबाई ने कहा कि यह स्ट्रेट ईरान के कंट्रोल में है. इसे तेहरान की रेड लाइन बताया और कहा कि यहां से गुजरने वाले जहाजों को ईरानी करेंसी रियाल में टोल देना होगा. इससे पहले शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से दावा किया गया था कि अमेरिका इस रास्ते में बिछी बारूदी माइंस हटा रहा है. समुद्री रास्ता जल्द ही खुल जाएगा. हालांकि ईरान ने अमेरिका के इन दावों को गलत बताया था. साथ ही ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की ओर से चेतावनी दी गई थी कि अमेरिकी सैन्य जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
“अमेरिकी जहाज को होर्मुज स्ट्रेट से वापस लौटा दिया”
फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ईरानी सेना ने एक अमेरिकी जहाज को होर्मुज स्ट्रेट से वापस लौटा दिया. रिपोर्ट में बताया गया है कि एक अमेरिकी युद्धपोत फुजैराह बंदरगाह से होर्मुज की ओर बढ़ रहा था. ईरानी सेना की तरफ से इस जहाज की जानकारी पाकिस्तान में मौजूद डेलिगेशन को दी. जिसके तुरन्त बाद पाकिस्तानी मध्यस्थ के जरिए तुरंत अमेरिका को मैसेज भेजा. ईरान की तरफ से कहा गया कि जहाज होर्मुज स्ट्रेट के करीब आया तो उसपर हमला किया जाएगा. इसका असर ईरान-अमेरिका बातचीत पर भी पड़ेगा.
बताया जा रहा है कि सेना की सख्त प्रतिक्रिया के बाद अमेरिकी वॉरशिप को आगे बढ़ने से रोकने का फैसला लिया गया. अमेरिकी बेवसाइट वॉल स्ट्रीट की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि ईरानी नौसेना की धमकियों के बावजूद 2 अमेरिकी वॉरशिप होर्मुज पार कर गए.
यह भी पढ़ें: PAK में अमेरिका-ईरान की बातचीत बेनतीजा, न्यूक्लियर प्रोग्राम और होर्मुज खोलने पर फंसा पेंच
ईरान युद्ध में 3,375 लोगों की मौत
ईरान ने कहा कि अमेरिका और इजरायल के साथ हुए युद्ध में अब तक 3,375 लोगों की मौत हो चुकी है. ईरान की फोरेंसिक मेडिसिन संस्था के प्रमुख अब्बास मस्जेदी अरानी ने दी है. उन्होंने मरने वालों में 2,875 पुरुष और 496 महिलाएं शामिल हैं. रिपोर्ट के अनुसार, यह आकंडा शवों की पहचान के बाद सामने आया है. कई शवों की तो पहचान भी नहीं हो पाई है.



