US-Israel-Iran War: अमेरिका के साथ प्रस्तावित सीजफायर बातचीत के लिए ईरानी डेलिगेशन अब तक पाकिस्तान नहीं पहुंच पाया है. शनिवार को इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक निर्धारित है, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए इस पर अनिश्चितता बनी हुई है.
रिपोर्ट्स के अनुसार, लेबनान में जारी इजराइली हमलों को लेकर ईरान नाराज है और इसी कारण वह बातचीत को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है. अभी तक ईरान की ओर से बैठक में शामिल होने को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिला है. इससे पहले कुछ खबरों में दावा किया गया था कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुंच चुका है हालांकि ईरानी मीडिया ने इन दावों को खारिज कर दिया. गौरतलब है कि 8 अप्रैल को अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के सीजफायर पर सहमति बनी थी जिसके तहत इस्लामाबाद में इस बैठक की योजना बनाई गई थी.
अब यह देखना अहम होगा कि तय समय पर यह बैठक हो पाती है या बदलते हालात के चलते इसमें कोई बदलाव किया जाता है.
अमेरिका-ईरान बातचीत के प्रमुख मुद्दे
1. ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम
अमेरिका का कहना है कि ईरान किसी भी तरह का यूरेनियम संवर्धन न करे. साथ ही उसे अपने हाई-लेवल इनरिच्ड यूरेनियम को देश से बाहर करना होगा और न्यूक्लियर सुविधाओं को बंद या सीमित करना होगा.
2. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज
दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल और गैस इसी समुद्री मार्ग से गुजरता है. ईरान इस पर नियंत्रण बनाए रखना चाहता है और टोल वसूलने की बात कर रहा है. वहीं अमेरिका चाहता है कि यह मार्ग बिना किसी रुकावट और शुल्क के पूरी तरह खुला और सुरक्षित रहे.
3. बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम
अमेरिका ईरान की लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों पर रोक लगाने की मांग कर रहा है.
4. सैंक्शंस हटाना
ईरान चाहता है कि उस पर लगे सभी अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध तुरंत हटाए जाएं उसके फ्रोजन एसेट्स वापस किए जाएं और उसे मुआवजा भी मिले.



