NEET Exam Paper Leak: राजस्थान में नीट पेपर लीक की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है. पुलिस लगातार पेपर लीक के आरोपियों की गिरफ्तारी में जुटी है. इसी कड़ी में दिनेश बिवाल नाम के शख्स की गिरफ्तारी ने प्रदेश की सियासत में उबाल ला दिया है. कांग्रेस ने कथित तौर पर आरोप लगाया है कि दिनेश बिवाल बीजेपी से जुड़ा पदाधिकारी है. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि गंभीर मामला है, जो पकड़ा गया है वो बीजेपी का नेता है. उसके परिवार के पांच लोगों की नौकरी पहले लग चुकी है. यह जांच का विषय है. ये बिना मतलब के कांग्रेस सरकार को बदनाम करते हैं, ये खुद एक्सपोज़ हो गए हैं 2024-25 और 2026 में तीन बार नीट के पेपर आउट हो चुके हैं. इसका कारण बताइए? 22 लाख बच्चों के ऊपर क्या गुजर रही होगी उसकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते. SOG वाले चाहे कितनी भी सफाई दे, लेकिन उन्होंने FIR लॉज क्यों नहीं की, उसका जवाब दे. बहानेबाजी करना अलग बात है, अधिकारियों को भेज देते हैं कि आप प्रेस कॉन्फ्रेंस करके आओ. क्या मतलब हुआ? बहुत गंभीर मामला है. अब इनकी पोल खुल जाएगी सबकी.
नीट पेपर लीक मामले में एक आरोपी के भाजपा पदाधिकारी होने के संबंध में मीडिया को प्रतिक्रिया दी :
गंभीर मामला रहा है और जो पकड़ा गया है, बीजेपी का जो नेता है, कहते हैं उनके परिवार के पांच लोग की नौकरी पहले लग चुकी है। यह जांच का विषय है।
ये बिना मतलब के कांग्रेस सरकार को बदनाम… pic.twitter.com/aMQNinE4wd
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) May 13, 2026
“दोषियों पर सख्त कार्यवाही होनी चाहिए”
राजस्थान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि NEET 2026 में अभी तक हुई कार्यवाही में राजस्थान के दो भाइयों की गिरफ्तारी हुई है, जिनमें दिनेश बिवांल भारतीय जनता पार्टी का पदाधिकारी है और मंत्री एवं पदाधिकारियों से जुड़े हुए हैं. क्या यही कारण है कि अभी तक FIR दर्ज नहीं करवाई गई है? NEET 2024 मामले की जांच आज तक पूरी नहीं हो सकी और अब इस नए पेपर लीक प्रकरण जांच को CBI को ट्रांसफर करके खानापूर्ति की गई प्रतीत होता है. उन्होंने आगे लिखा कि 23 लाख छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है, जिसे नजरंदाज नहीं जा सकता है. परीक्षाओं में प्रबंधन की खामियों और लापरवाही की कीमत ईमानदार छात्रों को चुकानी पड़ रही है, यह किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है. इस मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच और दोषियों पर सख्त कार्यवाही होनी चाहिए.
“दिनेश बिंवाल भाजपा का नेता है”
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि NEET पेपर लीक में गिरफ्तार दिनेश बिंवाल भाजपा का नेता है. क्या राजस्थान की भाजपा सरकार ने इसी कारण से 9 दिन तक पेपर लीक को छिपाए रखा और FIR दर्ज नहीं की ?
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“सीबीआई जांच में तो इसमें क्या आएगा”
वहीं NEET-UG 2026 परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द किए जाने पर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार पर हमला बोला है. पेपर लीक हुआ ही कैसे? इसका जिम्मेदार कौन है? उसके खिलाफ आप क्या कार्रवाई कर रहे हैं? 2024-25 में पेपर लीक हुआ, सुप्रीम कोर्ट में दलील देकर बचकर आ गए, हमने पहचान कर ली, जो नीजि एजेंसी अगर 6 में से 4 पेपर लीक करवा दे रही है तो उसे पेपर करवाने की जिम्मेदारी क्यों दी जा रही है? क्या सरकार पूरी तरह से विफल हो चुकी है? जो प्राइवेट लोगों को परीक्षा कराने की जिम्मेदारी दे रही है. ये डाटा कलेक्शन, पेपर लीक का खेला है. सीबीआई जांच में तो इसमें क्या आएगा, कितना आएगा मुझे पता नहीं. लेकिन अगर कोई कमेटी बनाकर या सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ जज की अध्यक्षता में जांच करवाई गई, तभी दूध का दूध और पानी का पानी हो पाएगा नहीं तो वही घूमा फिराकर क्लीन चिट दे दी जाएगी.



