Rahul Gandhi News: दिल्ली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी हरा-भरा स्वराज,राजीव गांधी के दृष्टिकोण को श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि लोग सोचते हैं कि स्वराज का मतलब होता है आजादी लेकिन स्वराज का मतलब होता है स्व का राज. अगर आप 70-80 साल पहले जेल में जाते और गांधी जी से पूछते कि क्या आप आजाद हैं? तो वे कहते कि नहीं मैं आजाद नहीं हूं मगर मैं स्व पर राज करता हूं. स्वराज हिंदुस्तानी शब्द है और इसमें जिम्मेदारी होती है. गांधी जी चाहते थे कि इस देश का हर व्यक्ति इस(स्वराज) रास्ते पर चले.
‘स्वराज’ शब्द को अंग्रेजी के शब्द Freedom के साथ कन्फ्यूज किया जाता है।
स्वराज का मतलब है- ‘स्व’ पर ‘राज’, मतलब खुद पर राज। ये एक जिम्मेदारी है, सोचने का तरीका है।
कोई किसी को Freedom दे सकता है, लेकिन किसी भी कीमत पर दूसरे को स्वराज नहीं दे सकता।
• अपने आप को गहराई से… pic.twitter.com/EWZOsLPe11
— Congress (@INCIndia) August 20, 2026
“आप रोज़ाना छात्रों पर हमला कर रहे हैं”
राहुल गांधी ने आगे कहा कि RSS के साथ मुझे समस्या है कि RSS ने तय कर लिया है कि वे 150 करोड़ लोगों की सच्चाई जानते हैं. मैं इससे सहमत नहीं हूं क्योंकि सिर्फ़ वे 150 करोड़ लोग ही अपनी सच्चाई जानते हैं.लोगों के एक समूह ने अचानक यह फ़ैसला किया है क्योंकि सिस्टम पर उनका अपना कंट्रोल है.वे इस देश में हर किसी की सच्चाई जानते हैं.आप रोज़ाना छात्रों पर हमला कर रहे हैं क्योंकि आपको लगता है कि आप सच्चाई जानते हैं.
“स्वराज की कोई गुंजाइश नहीं बचती”
उन्होंने कहा कि अगर इस देश के सभी कारोबारों पर किसी एक आदमी का कब्ज़ा हो,तो भारत के आम लोगों के लिए ‘स्वराज’की कोई गुंजाइश नहीं बचती.यह एक सच्चाई है,क्योंकि आपमें से कुछ लोग एयरपोर्ट, बंदरगाह या कंपनियों के मालिक बनना चाहते होंगे,जबकि कुछ लोग नौकरशाह (ब्यूरोक्रेट) बनना चाहते होंगे.गांधी जी का विजन कुछ बुनियादी बातों के बिना मुमकिन नहीं है. यह महंगी शिक्षा व्यवस्था,अनुचित परीक्षा प्रणाली,ऐसी वित्तीय व्यवस्था के साथ नहीं चल सकता जिस पर 2-3 लोगों का एकाधिकार हो,यह ऐसी राजनीतिक व्यवस्था के बिना अस्तित्व में नहीं रह सकता जो देश की गहराई तक फैली हो,जैसे पंचायती राज, विधायक,सांसद आदि.
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