Rajasthan Government: राजस्थान सरकार ने भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए कई अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत 20 अधिकारी-कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त किया गया है,जबकि 332 को निलंबित किया गया है.इसके अलावा 17 अधिकारियों-कर्मचारियों की आजीवन 100 प्रतिशत पेंशन पर भी रोक लगा दी गई है.सरकार का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा.
570 मामलों की जांच जारी
सरकारी आंकड़ों के अनुसार भ्रष्टाचार और अनियमितताओं से जुड़े 108 मामलों में अभियोजन स्वीकृति जारी की जा चुकी है.वहीं 570 मामलों की जांच अभी विभिन्न स्तरों पर जारी है.सरकार का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी.बर्खास्त किए गए कर्मचारियों में एक आरएएस अधिकारी भी शामिल है.
सेवानिवृत्ति के बाद भी नहीं मिलेगी राहत
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार में लिप्त लोक सेवकों को सेवानिवृत्ति के बाद भी किसी प्रकार की राहत नहीं दी जाएगी.इसी नीति के तहत 17 अधिकारियों और कर्मचारियों की आजीवन पेंशन रोक दी गई है.कुछ मामलों में ग्रेच्युटी के भुगतान पर भी रोक लगाई गई है.
जवाबदेही और पारदर्शिता पर जोर
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सरकारी पद का दुरुपयोग करने वालों या जनता के हितों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा.उन्होंने कहा कि सुशासन,पारदर्शिता और जवाबदेह प्रशासन सुनिश्चित करने के लिए भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा.सरकार की इस कार्रवाई से सरकारी विभागों में सतर्कता बढ़ी है और अधिकारियों-कर्मचारियों के बीच जवाबदेही का स्पष्ट संदेश गया है.
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