Ganesh Temple : मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के खजराना में गणेश मंदिर देश के सबसे प्रसिद्ध गणेश मंदिरों में गिना जाता है। यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की मनोकामनाओं का प्रतीक भी माना जाता है। बुधवार, गणेश चतुर्थी और विशेष पर्वों पर यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी गई हर इच्छा यहां पूरी होती है।
खजराना गणेश मंदिर का इतिहास
खजराना गणेश मंदिर का निर्माण वर्ष 1735 में मराठा साम्राज्य की प्रसिद्ध शासिका देवी अहिल्याबाई होल्कर ने करवाया था। माना जाता है कि मुगल शासक औरंगजेब के काल में भगवान गणेश की प्रतिमा को सुरक्षित रखने के लिए एक कुएं में छिपा दिया गया था। बाद में स्थानीय पुजारी पंडित मंगल भट्ट को स्वप्न में इस प्रतिमा का संकेत मिला, जिसके बाद प्रतिमा को बाहर निकालकर मंदिर की स्थापना की गई।
मंदिर की विशेषताएं
मंदिर का मुख्य गर्भगृह चांदी से सुसज्जित है और भगवान गणेश की प्रतिमा पर विशेष आभूषण चढ़ाए जाते हैं। मंदिर परिसर में भगवान शिव, माता दुर्गा, हनुमान जी, साईं बाबा और अन्य देवी-देवताओं के भी मंदिर मौजूद हैं। समय के साथ यह मंदिर एक विशाल धार्मिक परिसर के रूप में विकसित हो चुका है।
धार्मिक महत्व
खजराना गणेश मंदिर को मनोकामना पूर्ति का मंदिर कहा जाता है। यहां श्रद्धालु अपनी इच्छा पूरी होने की कामना से मंदिर परिसर में धागा बांधते हैं और इच्छा पूरी होने पर दोबारा दर्शन के लिए आते हैं। वहीं कई भक्त भगवान गणेश की प्रतिमा के पीछे उल्टा स्वास्तिक बनाते हैं। स्थानीय लोगों के साथ-साथ देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं में इस मंदिर के प्रति विशेष आस्था देखने को मिलती है।
कैसे पहुंचे खजराना गणेश मंदिर
मंदिर से सबसे पास हवाई अड्डा देवी अहिल्याबाई होल्कर एयरपोर्ट है, जो मंदिर से लगभग 8 से 10 किलोमीटर दूर है। वहीं एयरपोर्ट से टैक्सी और ऑटो आसानी से मिल जाते हैं। वहीं अगर आप रेल से आ रहे हैं तो इंदौर रेलवे स्टेशन मंदिर से 5 से 6 किलोमीटर दूर है।
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