Dashlakshan : दूदू में सकल दिगम्बर जैन समाज के दशलक्षण महापर्व के तीसरे दिन उत्तम आर्जव धर्म की आराधना की गई। यह कार्यक्रम अध्यक्ष पारसमल काला और मंत्री पदमचंद सोगानी के मार्गदर्शन में हुआ। इसमें श्रमण संस्कृति संस्थान से आए शास्त्री गौरव ने प्रवचन दिए।
सत्य और शांति इंसान के भीतर है
शास्त्री गौरव ने अपने प्रवचन में कहा कि उत्तम आर्जव धर्म सरलता और निष्कपटता का संदेश देता है। उन्होंने बताया कि जिस सत्य और शांति को इंसान बाहर ढूंढता है, वह उसके भीतर ही मौजूद है। आत्मकल्याण के लिए माया, छल और कपट छोड़कर सरल जीवन अपनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हमारा कल्याण भगवान नहीं, बल्कि भगवान की वाणी करेगी।
अभिषेक, शांतिधारा और पूजा-अर्चना
सुबह भगवान का अभिषेक, शांतिधारा और मंडल विधान की पूजा-अर्चना की गई। शांतिधारा और अभिषेक का पुण्य लाभ नरेश कुमार, अंजना, पंकज, संगीता, आदित्य परिवार (लुहाड़िया परिवार, नरैना) और बीना देवी और अमित गंगवाल परिवार को मिला।
सांस्कृतिक कार्यक्रम
शाम को महिला महासमिति की अध्यक्ष मनोरमा देवी और मंत्री शशिकला के मार्गदर्शन में संगीतमय आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। पूर्व मंत्री संजय काला ने बताया कि दशलक्षण महापर्व के दौरान रोज धार्मिक अनुष्ठान, प्रवचन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
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