Shani Gochar 2026: नए साल की शुरुआत हो चुकी है और इस नए साल में शनिदेव कि चाल (Shani Gochar 2026) का प्रभाव लगभग सभी राशियों पर पड़ने वाला कुछ के लिए इस साल परिक्षा कि घड़ी रहैगी तो कुछ उन्नति के नए द्वार खुल सकते है.इसके अलावा स्वास्थ्य,करियर,व्यापार और पारिवारिक जीवन में उतार-चढ़ाव संभव हैं तो आखिर साल 2026 में कैसी रहैगी शनि और बृहस्पति की स्थिति और अलग-अलग राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेने वाला है , किन लोगों के लिए यह समय शुभ रहेगा और कौन कठिनाइयों में फसेगा , किन उपाय से होगा समाधान कैसे और किन पर बपसेगा धन आइए जानते हैं.
साल 2026 में शनिदेव की स्थिति
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, शनिदेव (Shani Gochar 2026)पूरे वर्ष में मीन राशि में ही गोचर करेंगे। वे राशि परिवर्तन नहीं करेंगे। हालांकि, उनकी चाल में बदलाव होगा:
- शनि 27 जुलाई 2026 को वक्री होंगे।
- फिर 11 दिसंबर 2026 को मार्गी होकर सीधी चाल चलेंगे।
इस दौरान भी शनि मीन राशि में ही रहेंगे, इसलिए कुंभ, मीन और मेष राशि वालों पर साढ़ेसाती का प्रभाव जारी रहेगा। वहीं, सिंह राशि पर कंटक शनि (ढैय्या का एक रूप) और धनु राशि पर चौथी ढैय्या का प्रभाव बना रहेगा। जून से दिसंबर के बीच वक्री होने के कारण प्रभाव में कुछ उतार-चढ़ाव संभव है, लेकिन स्थिरता बनी रहेगी।
शनि और बृहस्पति दोनों महत्वपूर्ण ग्रह हैं जो वैश्विक और व्यक्तिगत स्तर पर बदलाव लाते हैं। 2026 में शनि मीन में स्थिर रहेंगे, जबकि बृहस्पति मिथुन राशि से शुरू करके कर्क और फिर सिंह राशि में गोचर करेंगे (मुख्य परिवर्तन जून के आसपास कर्क में)। शुरुआती महीनों में शनि-बृहस्पति का संबंध वैश्विक अस्थिरता बढ़ा सकता है। अप्रैल-जून के बीच राजनीतिक उथल-पुथल, बदलाव और अशांति के संकेत हैं। भारत में मंगल की दशा और मंत्री पद के कारण राजनीति में बड़े परिवर्तन, इस्तीफे या सत्ता बदलाव संभव हैं। पड़ोसी देशों (बांग्लादेश, नेपाल, पाकिस्तान) में भी अस्थिरता दिख सकती है। करियर में शुरुआती महीनों में ट्रांसफर, छंटनी या अस्थिरता के योग हैं, जो मध्य वर्ष तक जारी रह सकते हैं।
मेष राशि:
इस वर्ष मेष राशि पर साढ़ेसाती का प्रभाव बना रहेगा। करियर में मजबूरीवश बदलाव या स्थानांतरण हो सकता है, साथ ही अनावश्यक चिंताएं परेशान कर सकती हैं। स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव और मान-सम्मान पर भी असर पड़ सकता है।
उपाय: पूरे साल रोज शाम “शं शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जप करें, इससे लाभ मिलेगा।
वृषभ राशि:
वृषभ राशि वालों के लिए 2026 में शनि बेहद शुभ फल देंगे। एकादश भाव में गोचर से रुके हुए काम पूरे होंगे। मुकदमे-विवादों में जीत मिलेगी। करियर में उच्च पद, बड़ा लाभ और सोच-समझकर किया गया स्थान परिवर्तन फायदेमंद साबित होगा।
उपाय: शनिवार को अन्न या भोजन का दान करें।
मिथुन राशि:
दशम भाव में शनि का गोचर स्थान परिवर्तन के योग बनाएगा। मार्च से मई के बीच बदलाव की संभावना है, जो अंत में लाभकारी रहेगा। करियर और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, लेकिन कार्यभार ज्यादा रहेगा।
उपाय: शनिवार को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
कर्क राशि:
नवम भाव में शनि बड़े जीवन परिवर्तन लाएंगे। वैवाहिक व पारिवारिक जीवन में तनाव संभव है, पिता के स्वास्थ्य का खास ख्याल रखें। संतान और विवाह के योग शुभ हैं।
उपाय: पूरे वर्ष नियमित हनुमान चालीसा का पाठ करें, लाभ होगा।
सिंह राशि:
सिंह राशि पर ढैय्या का प्रबल प्रभाव रहेगा। स्थान परिवर्तन, दुर्घटना का खतरा, करियर में दबाव और रिश्तों में विवाद के योग हैं। लापरवाही से नुकसान हो सकता है।
उपाय: रोज 108 बार शनि मंत्र जपें और शनिवार को पीपल के नीचे दीपक जलाएं।
कन्या राशि:
सप्तम भाव में शनि नौकरी व व्यापार में लाभ देंगे, लेकिन हड्डियां, नसें और माइग्रेन जैसी स्वास्थ्य समस्याएं परेशान कर सकती हैं। परिवार के बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर ध्यान दें।
उपाय: नियमित शनि मंत्र का जप करें।
तुला राशि:
षष्ठ भाव में शनि का गोचर अत्यंत शुभ रहेगा। स्वास्थ्य में सुधार होगा, करियर में प्रगति और विवाह के योग बनेंगे। रुके हुए कार्य पूरे होंगे।
उपाय: शनिवार को गरीबों को अन्न या भोजन दान करें।
वृश्चिक राशि:
पंचम भाव में शनि मानसिक तनाव और स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ा सकते हैं। करियर में बिना सोचे जोखिम न लें। विवाह व संतान पक्ष के योग शुभ हैं।
उपाय: शनिवार को पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
धनु राशि:
ढैय्या का प्रभाव जारी रहेगा। शुरुआती महीनों में कुछ राहत मिलेगी, लेकिन बाद में आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। स्थान परिवर्तन के मजबूत योग हैं। बड़े निर्णय जून से पहले लें।
उपाय: नियमित शनि मंत्र जप करें।
मकर राशि:
तीसरे भाव में शनि की स्थिति बहुत शुभ रहेगी। करियर, धन और प्रयासों में सफलता मिलेगी। नौकरी की तलाश करने वालों को अच्छे अवसर प्राप्त होंगे।
उपाय: शनिवार को अन्न और वस्त्र दान करें।
कुंभ राशि:
उतरती साढ़ेसाती के कारण संघर्ष बढ़ेगा। मेहनत के बिना सफलता मुश्किल रहेगी। स्वास्थ्य व मानसिक तनाव की समस्या रह सकती है। करियर में जोखिम से बचें।
उपाय: पूरे वर्ष शनि मंत्र जपें और शनिवार को दीपदान करें।
मीन राशि:
साढ़ेसाती का दूसरा चरण चलेगा। करियर और आर्थिक दबाव बना रहेगा। बिना ठोस विकल्प के नौकरी न छोड़ें। बड़े निवेश व निर्णय सोच-समझकर लें। विवाह और वर्ष की शुरुआत में संपत्ति संबंधी योग शुभ हैं।
उपाय: हर शनिवार पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं और परिक्रमा करें