Aviation: हवाई यात्रा अब केवल बड़े शहरों या उच्च वर्ग तक सीमित नहीं रही, बल्कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों तक भी इसकी पहुंच तेजी से बढ़ी है। यही कारण है कि एविएशन इंडस्ट्री आने वाले वर्षों में रोजगार और स्किल्ड मैनपॉवर का बहुत बड़ा केंद्र बनने जा रही है और नागरिक उड्डयन क्षेत्र आज सबसे तेज़ी से बढ़ते सेक्टरों में शामिल हो गया है।
लगातार विस्तृत होता इंफ्रास्ट्रक्चर
वर्तमान में भारत में लगभग 150 से अधिक संचालित हवाई अड्डे हैं। इनमें करीब 35 अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट व 100 से अधिक घरेलू एयरपोर्ट हैं। इसके अतिरिक्त देश में 30 से अधिक कार्गाे सुविधाएं और समर्पित एयर कार्गाे टर्मिनल कार्यरत हैं, जो ई-कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को नई गति दे रहे हैं। पिछले दस वर्षों में भारत के एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर में ऐतिहासिक विस्तार हुआ है। वर्ष 2014 में देश में लगभग 75-80 ऑपरेशनल एयरपोर्ट थे, जबकि आज यह संख्या दोगुने से भी अधिक हो चुकी है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक 220 से अधिक एयरपोर्ट विकसित करने का है।
तेजी से बढ़ती एयर पैसेंजर मार्केट
एयर ट्रैफिक में लगातार वृद्धि के कारण एयरलाइंस और एयरपोर्ट संचालन में कुशल युवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है। इंडियन एयरलाइन्स, एयर इंडिया, इंडिगो, अकासा एयर, स्पाइसजेट और विस्तारा जैसी कंपनियां लगातार विस्तार कर रही हैं। इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अनुसार भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा एयर पैसेंजर मार्केट बनने की ओर बढ़ रहा है। अनुमान है कि वर्ष 2035 तक भारत के एविएशन सेक्टर में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग एक करोड़ रोजगार अवसर उत्पन्न होंगे।
एयरपोर्ट ऑपरेशंस व एयरलाइंस मैनेजमेंट के जॉब्स
एयरपोर्ट ऑपरेशंस और एयरलाइंस मैनेजमेंट के क्षेत्र में अनेक आकर्षक जॉब रोल उपलब्ध हैं। इनमें एयरपोर्ट मैनेजर, एयरपोर्ट ड्यूटी मैनेजर, टर्मिनल ऑपरेशन एग्जीक्यूटिव, रैम्प ऑपरेशन ऑफिसर, ग्राउंड स्टाफ एग्जीक्यूटिव, ग्राउंड हैंडलिंग मैनेजर, कार्गाे मैनेजर, एयर कार्गाे एवं फ्रेट फॉरवर्डिंग मैनेजर, लॉजिस्टिक्स कोऑर्डिनेटर, फ्लाइट ऑपरेशन ऑफिसर, एयरक्राफ्ट डिस्पैचर, शेड्यूलिंग एग्जीक्यूटिव, एविएशन सिक्योरिटी ऑफिसर, एयर ट्रैफिक सपोर्ट स्टाफ, एप्रन कंट्रोल एग्जीक्यूटिव, बैगेज हैंडलिंग सुपरवाइजर, कस्टमर सर्विस एग्जीक्यूटिव, टिकटिंग एवं रिजर्वेशन ऑफिसर, केबिन क्रू मैनेजर, क्रू मैनेजमेंट ऑफिसर, नेटवर्क प्लानिंग एग्जीक्यूटिव, एयरलाइन सेल्स एवं मार्केटिंग मैनेजर, एयरपोर्ट कमर्शियल एवं रिटेल मैनेजर, एयरपोर्ट हॉस्पिटैलिटी मैनेजर, एयरपोर्ट रिलेशनशिप मैनेजर, एयरपोर्ट इमरजेंसी रिस्पॉन्स कोऑर्डिनेटर, एविएशन डेटा एनालिस्ट, एयरपोर्ट डिजिटल सिस्टम्स कोऑर्डिनेटर, एरोनॉटिकल इंफॉर्मेशन सर्विस एग्जीक्यूटिव तथा एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर एवं फैसिलिटी मैनेजर जैसे पद प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त ड्रोन पायलट एवं ड्रोन ऑपरेशन मैनेजर तथा डिजिटल एविएशन टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं।
वैश्विक कैरियर का पासपोर्ट
विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले समय में एविएशन सेक्टर को लाखों प्रशिक्षित युवाओं की आवश्यकता होगी। एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया और विभिन्न निजी एयरपोर्ट कंपनियां नए टर्मिनल, कार्गाे हब और मेंटेनेंस यूनिट्स विकसित कर रही हैं। इसके कारण तकनीकी, प्रबंधन और सेवा क्षेत्र में रोजगार के नए द्वार खुल रहे हैं। आज के युवाओं के लिए एयरलाइंस मैनेजमेंट और एयरपोर्ट ऑपरेशंस केवल एक कोर्स नहीं, बल्कि वैश्विक कैरियर का पासपोर्ट बन चुके हैं। इस क्षेत्र में प्रोफेशनल ट्रेनिंग, कम्युनिकेशन स्किल्स, डिजिटल क्षमता और इंडस्ट्री एक्सपोज़र रखने वाले विद्यार्थियों के लिए देश ही नहीं, विदेशों में भी शानदार अवसर मौजूद हैं।
एविएशन सेक्टर में कैरियर की उड़ान
इसी हाई डिमांड को देखते हुए श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय ने बीबीए एयरलाइन्स एंड एयरपोर्ट मैनेजमेंट तथा पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन एयरपोर्ट ऑपरेशन्स एंड मैनेजमेंट शुरू किया है। इसमें एयरपोर्ट ऑथोरिटी ऑफ़ इंडिया इंडस्ट्री पार्टनर के रूप में ट्रेनर की भूमिका निभा रहा है। यह क्षेत्र विद्यार्थियों के लिए सफलता का नया सोपान साबित हो सकता है। भारत में हवाई यात्री जितनी गति से बढ़ रहे हैं, उतनी ही तेजी से एविएशन सेक्टर में कैरियर की उड़ान भी ऊंची होती जा रही है। आने वाला दशक ‘स्किल्ड एविएशन प्रोफेशनल्स’ का दशक सिद्ध हो सकता है। जो युवा एविएशन के क्षेत्र में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं, उनके लिए यह स्वर्णिम अवसर है।
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