कैंसर अब केवल बड़ों और बुजुर्गों की बीमारी नहीं रह गई है। आज यह मासूम बच्चों को भी तेजी से अपनी चपेट में ले रहा है। 0 से 19 साल की उम्र में होने वाले कैंसर को चाइल्डहुड कैंसर कहा जाता है। हालांकि बच्चों में कैंसर वयस्कों की तुलना में दुर्लभ होता है, लेकिन समय पर पहचान और सही इलाज से कई बच्चों की जान बचाई जा सकती है। समस्या यह है कि इसके शुरुआती लक्षण अक्सर सामान्य बीमारियों जैसे बुखार, फ्लू या चोट से मिलते-जुलते होते हैं, जिससे माता-पिता इसे नजरअंदाज कर देते हैं।
इसी जागरूकता को बढ़ाने के लिए हर साल 15 फरवरी को इंटरनेशनल चाइल्डहुड कैंसर डे भी मनाया जाता है।
चाइल्डहुड कैंसर क्या है?
चाइल्डहुड कैंसर बच्चों और किशोरों में होने वाले विभिन्न प्रकार के कैंसर को दर्शाता है। इसके लक्षण, इलाज और असर वयस्कों के कैंसर से अलग हो सकते हैं। बच्चों में पाए जाने वाले प्रमुख कैंसर इस प्रकार हैं:
1. ल्यूकेमिया (Leukemia)
यह बच्चों में सबसे आम कैंसर है, जो खून और अस्थि मज्जा को प्रभावित करता है।
लक्षण:
थकान, बार-बार बुखार, हड्डियों और जोड़ों में दर्द, बार-बार संक्रमण, असामान्य रक्तस्राव और वजन कम होना।
2. ब्रेन और स्पाइनल कॉर्ड ट्यूमर
ये तंत्रिका तंत्र से जुड़े ट्यूमर होते हैं।
लक्षण:
तेज सिरदर्द, उल्टी, नजर कमजोर होना, चलने में संतुलन बिगड़ना।
3. न्यूरोब्लास्टोमा
यह तंत्रिका ऊतकों में होने वाला कैंसर है और छोटे बच्चों में अधिक पाया जाता है।
लक्षण:
पेट में सूजन, हड्डियों में दर्द, त्वचा पर नीले-लाल धब्बे, आंखों की पलक झुकना।
4. विल्म्स ट्यूमर
यह किडनी का कैंसर है जो 3-4 साल के बच्चों में अधिक होता है।
लक्षण:
पेट में सूजन, पेट दर्द, बुखार, भूख कम लगना।
5. लिम्फोमा
यह लिम्फ सिस्टम को प्रभावित करता है।
लक्षण:
गर्दन, बगल या कमर में गांठ, बुखार, रात में पसीना आना, वजन कम होना।
6. रेटिनोब्लास्टोमा
यह आंख के रेटिना में होने वाला कैंसर है।
लक्षण:
आंख की पुतली में सफेद चमक, नजर कमजोर होना, आंख लाल या सूजी हुई दिखना।
7. ऑस्टियोसारकोमा और युविंग सारकोमा
ये हड्डियों के कैंसर हैं जो किशोरों में ज्यादा होते हैं।
लक्षण:
हड्डियों में लगातार दर्द, सूजन और कमजोरी।
माता-पिता को इन संकेतों को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए:
- शरीर में बिना कारण गांठ या सूजन
- लंबे समय तक बुखार रहना
- अत्यधिक थकान और कमजोरी
- अचानक वजन कम होना
- बार-बार खून आना या जल्दी चोट लगना
- हड्डियों और जोड़ों में लगातार दर्द
- निगलने में परेशानी या पेट दर्द
- आंखों में सफेद चमक या धुंधलापन
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बच्चों में कैंसर के कारण
- बच्चों में कैंसर के कई संभावित कारण हो सकते हैं:
- अनुवांशिक कारण: जीन में बदलाव
- कुछ सिंड्रोम और आनुवांशिक बीमारियां
- रेडिएशन के संपर्क में आना
- कुछ वायरस संक्रमण
- कमजोर प्रतिरक्षा तंत्र
- पर्यावरणीय कारक
कई मामलों में इसका कोई स्पष्ट कारण नहीं मिलता, यह स्वाभाविक जीन म्यूटेशन से भी हो सकता है
डॉक्टर से कब संपर्क करें?
अगर ऊपर बताए गए लक्षण दो हफ्ते से ज्यादा समय तक बने रहें या तेजी से बढ़ने लगें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। देरी बच्चे की जान के लिए खतरा बन सकती है।
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