Weather : जून की तेज गर्मी अपने अंतिम दौर में है, और लोगों के लिए यह समय सावधानी बरतने का है। दिन में तेज धूप और शाम को अचानक बदलता मौसम लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। यही कारण है कि छोटे बडे शहर के नागरिक अस्पताल में इन दिनों उल्टी-दस्त, बुखार, गले में खराश और सर्द-गर्म की शिकायत लेकर पहुंचने लगे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम के इस बदलाव के दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी लोगों को बीमार कर सकती है.
मौसम के बदलाव में न बरतें लापरवाही
अस्पताल में कार्यरत आयुर्वेदिक चिकित्सक के अनुसार बताया कि जून के आखिरी दिनों में लोग अक्सर यह मान लेते हैं कि गर्मी कम होने लगी है, लेकिन यही सोच कई बार परेशानी का कारण बन जाती है. उन्होंने कहा कि तेज धूप से घर लौटते ही सीधे एसी के सामने बैठना, फ्रिज का बर्फ जैसा ठंडा पानी पीना या तुरंत ठंडे पानी से स्नान करना शरीर के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है. इससे सर्दी-गर्मी की समस्या बढ़ने के साथ बुखार और गले से जुड़ी बीमारियां होने का खतरा रहता है।
इन आदतों को अपनाएं
जानकारी के अनुसार इन दिनों नागरिक अस्पताल की ओपीडी में मौसम से जुड़ी बीमारियों के मरीज लगातार पहुंच रहे हैं. इसका सबसे बड़ा कारण लोगों की बदलते मौसम के प्रति लापरवाही है. डॉ. के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति एसी वाले कमरे में बैठा है तो बाहर निकलने से करीब 10 से 15 मिनट पहले एसी बंद कर देना चाहिए, ताकि शरीर का तापमान सामान्य हो सके. अचानक ठंडे वातावरण से तेज गर्मी में निकलना शरीर के लिए झटका साबित हो सकता है।
तला-भुना और अधिक मिर्च-मसाले वाला भोजन न करें
वही आयुर्वेदिक चिकित्सक ने बताया कि गर्मी से राहत पाने के लिए लोग अक्सर फ्रिज का अत्यधिक ठंडा पानी पीते हैं, जबकि मटके का पानी अधिक लाभकारी होता है. यह शरीर के तापमान को संतुलित रखने के साथ पाचन तंत्र के लिए भी बेहतर माना जाता है. इसके अलावा तला-भुना और अधिक मिर्च-मसाले वाला भोजन कम मात्रा में लेना चाहिए।
गले में खराश या बलगम के लिए घरेलू उपाय
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को गले में खराश या बलगम की शिकायत है, तो हल्के गर्म पानी में नमक और हल्दी मिलाकर गरारे करना फायदेमंद रहता है. वहीं घर में आसानी से उपलब्ध दालचीनी, काली मिर्च और तुलसी का सेवन भी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है, जबकि मुलेठी और धागे वाली मिश्री भी इस मौसम में गले की समस्याओं में राहत देने का काम करती हैं.
डॉ. मीनाक्षी शर्मा ने लोगों को सलाह दी कि अब बारिश का दौर भी शुरू हो चुका है, इसलिए एसी का अत्यधिक उपयोग करने की बजाय पंखे या हल्के कूलर का इस्तेमाल करना बेहतर रहेगा. यदि एसी के सामने बैठना जरूरी हो तो शरीर को पूरी तरह ढककर रखें, क्योंकि लगातार ठंडी हवा शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है.
हेल्दी लाइफस्टाइल पर दें ध्यान
विशेषज्ञों का कहना है कि अंबाला के लोग इस मौसम में अपने खानपान और दिनचर्या पर विशेष ध्यान दें, मौसमी फल और सब्जियों का सेवन बढ़ाएं, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और सुबह-शाम पार्क में सैर या हल्की एक्सरसाइज करें. परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताना भी मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है. जून की यह आखिरी तपिश भले ही कुछ दिनों की मेहमान हो, लेकिन इस दौरान बरती गई सावधानी ही लोगों को स्वस्थ और सुरक्षित रख सकती है.
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