Aam (Mango) : सब्जी मंडियों, फल मंडियों या सडक किनारे ठेलों पर इन दिनों आपने गौर किया है कि अभी पूरी तरह गर्मी शुरू भी नहीं हुई और बाजार में चमचमाते पीले आम दिखाई देने लगे हैं। अगर आप भी इन सुंदर दिखने वाले आमों को देखकर ललचा रहे हैं, तो रुकिए! ये मिठास आपकी सेहत के लिए कड़वी साबित हो सकती है. स्वाद के चक्कर में हम अक्सर क्वालिटी को भूल जाते हैं, जो शरीर के लिए बेहद खतरनाक है. जानते हैं कैसे करें असली और नकली आम की पहचान.
बाजार में कैसे आए आम
आम का असली सीजन मई और जून का होता है. लेकिन आजकल फरवरी-मार्च से ही बाजार में पीले और खुशबूदार आम दिखने लगते हैं. असल में ये आम पेड़ों पर कुदरती तरीके से नहीं पके हैं. इन्हें कैल्शियम कार्बाइड जैसे खतरनाक केमिकल्स का इस्तेमाल करके जबरदस्ती पकाया जाता है. ये केमिकल आम को बाहर से तो एकदम पीला और सुंदर बना देता है, लेकिन अंदर से यह जहर के समान हो जाता है.
असली और नकली आम
एक्सपर्ट्स ने कुछ आसान तरीके बताए हैं जिनसे आप घर बैठे पहचान सकते हैं कि आम असली है या केमिकल वाला.
खुशबू से पहचानें– प्राकृतिक रूप से पके आम से एक मीठी और सौंधी खुशबू आती है. वहीं, केमिकल वाले आम में या तो कोई खुशबू नहीं होती या फिर उसमें से तीखी केमिकल जैसी गंध आती है.
रंग– पेड़ पर पका आम कभी भी पूरा एक जैसा पीला नहीं होगा. उसमें कहीं हरापन होगा तो कहीं भूरे धब्बे. अगर आम हर तरफ से एक जैसा चमकदार पीला दिखे, तो समझ लीजिए कि उसे आर्टिफिशली पकाया गया है.
छूकर देखें– केमिकल वाले आम बहुत ज्यादा पिलपिले या जरूरत से ज्यादा मुलायम होते हैं. असली आम में एक खास तरह का कसाव होता है.
स्वाद- असली आम का स्वाद अलग होता है, वही केमिकल वाला आम खाने से मुंह में जलन सी फील हो सकती है.
क्यों खतरनाक हैं केमिकल वाले आम?
डॉक्टर के अनुसार कैल्शियम कार्बाइड एक जहरीला पदार्थ है. जब इसका इस्तेमाल आम पकाने के लिए किया जाता है, तो फल की ऊपरी परत पर इसके अवशेष रह जाते हैं. इसे खाने से शरीर में कई तरह की परेशानियां शुरू हो सकती हैं.
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