KBP Times

बिना चोट के शरीर पर नील पड़ना या जोड़ों में दर्द को नजरअंदाज ना करें

Hemofiliya health

Hemofiliya : क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि बिना किसी स्पष्ट कारण के आपके शरीर पर बार-बार नील पड़ रहे हैं? या फिर मामूली-सी चोट लगने के बाद भी आपके जोड़ों में बार-बार सूजन और दर्द रहने लगा है? कंसल्टेंट क्लिनिकल हेमेटोलॉजिस्ट का कहना है कि अगर ऐसा है, तो इसे नॉर्मल मानकर अनदेखा न करें। यह हीमोफीलिया जैसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है।

हीमोफीलिया और इसके लक्षण 

हीमोफीलिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में खून का थक्का ठीक से नहीं बन पाता है। इसका मुख्य कारण खून में जरूरी श्क्लॉटिंग फैक्टर्सश् की कमी होना है।
ज्यादातर लोगों को लगता है कि हीमोफीलिया का मतलब सिर्फ कटने पर खून का न रुकना है, लेकिन ऐसा नहीं है। खासकर बच्चों और युवाओं में इसके कुछ शुरुआती और प्रमुख लक्षण इस प्रकार देखे जाते हैं

-बार-बार नील पड़नारू बिना किसी वजह या हल्की चोट पर ही शरीर पर नीले निशान उभर आना।
-जोड़ों में समस्यारू घुटनों, टखनों और कोहनियों में दर्द और सूजन होना।
-दांतों के इलाज के बादरू लंबे समय तक खून बहते रहना।
-नाक से खून आनारू बार-बार नकसीर फूटना।

जोड़ों के लिए खतरनाक?

डॉक्टर का कहना है कि कई बार हीमोफीलिया के कारण शरीर के अंदर ही अंदर, विशेषकर जोड़ों में खून जमा होने लगता है। शुरुआत में यह हल्के दर्द, जकड़न, उस हिस्से के गर्म होने या चलने-फिरने में होने वाली परेशानी के रूप में सामने आता है। अगर समय पर इसका सही इलाज न किया जाए, तो यह लगातार दर्द का कारण बन सकता है और हमेशा के लिए जोड़ों को खराब कर सकता है, जिससे चलने-फिरने में स्थायी दिक्कत आ सकती है।

 नील पड़ना हीमोफीलिया है?

बिल्कुल नहीं! यह जानना बहुत जरूरी है कि हर बार नील पड़ना या जोड़ों में दर्द होना हीमोफीलिया का ही लक्षण नहीं होता। इसके पीछे कई अन्य कारण भी हो सकते हैं, जैसे-

  • प्लेटलेट्स से जुड़ी कोई समस्या
    शरीर में विटामिन्स की कमी
    लिवर से संबंधित बीमारियां
    वॉन विलेब्रांड रोग
    कुछ खास दवाओं के साइड इफेक्ट्स
    जोड़ों की सूजन से जुड़ी अन्य बीमारियां
    इसलिए, इंटरनेट पर पढ़कर या लक्षणों को देखकर बिना किसी जांच के खुद से कोई भी निष्कर्ष निकालना बिल्कुल गलत है।

 बीमारी की सही पहचान

सही बीमारी का पता लगाने के लिए डॉक्टर द्वारा पूरी जांच होना बहुत जरूरी है। एक सटीक डायग्नोस तक पहुंचने के लिए डॉक्टर इन चीजों पर ध्यान देते हैं, मेडिकल और फैमिली हिस्ट्रीरू मरीज की पुरानी बीमारियां और यह जानना कि परिवार में पहले किसी को यह बीमारी थी या नहीं। शारीरिक परीक्षणरू मरीज की स्थिति की बारीकी से जांच करना। खून की जांचरू इसमें मुख्य रूप से श्कोएगुलेशन प्रोफाइलश् और क्लॉटिंग फैक्टर की जांच की जाती है। इससे डॉक्टर यह पता लगाते हैं कि खून में श्फैक्टर टप्प्प्श् या श्फैक्टर प्ग्श् की कमी है या नहीं, और अगर है तो बीमारी कितनी गंभीर स्थिति में है।

यह भी पढ़ें : घुटनों और स्पाइन के दर्द से परेशान हैं? इन 5 आदतों को तुरंत बदलें

याद रखने वाली बात

सबसे जरूरी बात यह है कि अगर आपको या आपके किसी जानने वाले को बार-बार बिना कारण नील पड़ने, मामूली चोट पर जोड़ों में सूजन आने, बार-बार नाक से खून आने या चोट लगने पर ज्यादा देर तक खून बहने जैसी समस्या हो रही है, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। ऐसे में, तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर बीमारी की पहचान और सही इलाज से हीमोफीलिया को बहुत ही बेहतर तरीके से कंट्रोल किया जा सकता है, जिससे मरीज एक सामान्य जीवन जी सकता है।

यह भी देखें : जयपुर में सड़क चौड़ीकरण पर बवाल! 40 साल पुराने दुकानदारों पर संकट | JDA एक्शन पर विरोध

 

ताजा खबरें

ताजा खबरें

sreesanth

गेंदबाज श्रीसंत ने उठाए कोच की कार्यशैली पर सवाल, बोले-खिलाड़ियों को चाहिए मार्गदर्शन और भरोसामंद नेतृत्व

IT Shares in market

IT शेयर्स की बिकवाली से सेंसेक्स 800 अंक, निफ्टी 200 अंक गिरा

Barmer Murder Case

बाड़मेर में इन्फ्लूएंसर ने बॉयफ्रेंड संग मिलकर पति को मारा, शराब पिलाकर टैंक में फेंका, ऐसे हुआ खुलासा

Telegram News

Telegram पर बैन रहेगा जारी, दिल्ली HC ने खारिज की याचिका, कहा- जल्दबाजी या लापरवाही नहीं की…

US-Israel Relations

अमेरिका-इजरायल में बढ़ा तनाव, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बाद उपराष्ट्रपति वेंस ने इजरायल को बताई हैसियत

Ukrain attack

यूक्रेन ने रूस पर 1000 से ज्यादा ड्रोन से किया हमला, क्रूज मिसाइलें भी दागीं

Health Sub Centre

कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने किया स्वास्थ्य उपकेंद्र भवन जनता को समर्पित

Motivator/educator

प्रबोधकों की मांग पूरी नहीं होने पर संघ ने लिया आंदोलन करने का निर्णय

Ganesh and chandrama

धर्म गाथा-जब चंद्रमा ने गणेश जी के श्राप से खोया अपना दिव्य तेज

2

2