Women Reservation Bill Controversy: लोकसभा में सीटें बढ़ाने के लिए लाया गया 131वां संशोधन बिल एनडीए सरकार लोकसभा में पास नहीं करा पाई. इस बिल में 543 सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान था. बिल पर लोकसभा में करीब 21 घंटे चर्चा हुई. जिसके बाद वोटिंग हुई. लोकसभा में उपस्थित 528 सांसदों ने वोट डाले. बिल के पक्ष में 298 वोट और विपक्ष में 230 वोट पड़े. बिल पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी. 528 का 2 तिहाई 352 होता है. इस तरह बिल 54 वोट से गिर गया. जिसके बाद देश में सियासत तेज हो गई. एनडीए और विपक्षी पार्टियों के नेता लगातार एक-दूसरे पर हमला बोल रहे हैं. इसी कड़ी में बीजेपी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्टर शेयर किया है, जो देखते ही देखते वायरल हो रहा है.
पोस्टर में राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की तस्वीर के ऊपर ‘WANTED’लिखा है. वहीं तस्वीर के नीचे लिखा है…
नारी सशक्तिकरण पर दोहरी राजनीति,
आरोप – महिला अधिकारों के मुद्दे पर भ्रम फैलाना
आखिरी बार देखा गया- तीर चलाते हुए देखा गया था
वहीं बीजेपी ने पोस्ट पर लिखा कि नारी सशक्तिकरण पर भ्रम फैलाने और दोहरी राजनीति करने वाला सबसे बड़ा चेहरा!
नारी सशक्तिकरण पर भ्रम फैलाने और दोहरी राजनीति करने वाला सबसे बड़ा चेहरा!#महिला_विरोधी_कांग्रेस#AntiWomenAlliance#MahilaVirodhiCongress pic.twitter.com/scinO8qRZZ
— BJP (@BJP4India) April 18, 2026
“देश की महिलाओं को नुकसान हुआ है”
केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू (Kiren Rijiju) ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि बजट सत्र आज आधिकारिक तौर पर समाप्त हो गया है और जैसा कि आप सभी अच्छी तरह जानते हैं, मैं बहुत ज़्यादा विस्तार में नहीं जाऊंगा. यह एक बहुत ही ऐतिहासिक बजट सत्र था, एक बहुत ही सार्थक बजट सत्र रहा. बजट सत्र 28 जनवरी को शुरू हुआ था और आज 18 अप्रैल को समाप्त हो गया. एक बड़ी उपलब्धि यह है कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में वामपंथी उग्रवाद को समाप्त करने का सरकार का संकल्प लगभग पूरा हो चुका है. गृह मंत्री ने चर्चा के दौरान इस बात को अच्छी तरह समझाया. यह देश के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है. नारी शक्ति वंदन अधिनियम और परिसीमन संशोधन विधेयक के संबंध में, जो कल पारित नहीं हो सका मैं उसके बारे में इतना कहना चाहता हूं कि राजनीति से प्रेरित होकर महिलाओं को अधिकार नहीं देने की मानसिकता लेकर कांग्रेस और विपक्षियों ने संविधान (131वां संशोधन) बिल जो पारित नहीं होने दिया इससे हम सब दुखी है. इससे देश की महिलाओं को नुकसान हुआ है.
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“बिल को गिराने के बाद जश्न मना रहे है”
उन्होंने कहा कि क्या आपने दुनिया में कभी कोई ऐसी पार्टी देखी है जो महिलाओं को अधिकार नहीं देने का फैसला करके उसको वो जीत मानते है? लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण देना हमारा दायित्व है. कांग्रेस पार्टी की यह मानसिकता कि वे आरक्षण नहीं देंगे और फिर बिल को गिराने के बाद जश्न मना रहे है इससे ज़्यादा महिला-विरोधी मानसिकता और क्या हो सकती है?



