Asha Bhosle : भारतीय संगीत जगत की सबसे वर्सेटाइल और दिग्गज सिंगर आशा भोसले का 92 साल की उम्र में निधन हो गया है। उनके जीवन के अनेक किस्से आशा भोसले को याद रहे हैं जिन्हे वो अक्सर अनेक मौकों पर सुनाया करती थीं।
रफी साहब से लगी 500 की शर्त
आशा भोसले ने एक बार बताया था कि आजा आजा मैं हूं प्यार तेरा गाने को लेकर उन्होंने मोहम्मद रफी से 500-500 रुपए की शर्त लगाई थी कि दोनों में से कौन बेहतर गाएगा। यह शर्त आशा जी ने जीती थी। इसी गाने के रियाज को लेकर उन्होंने मजेदार किस्सा सुनाया था कि वे इस गाने के हिस्से ‘अ-अ-अ आजा’ का इतना अभ्यास कर रही थीं कि उनके ड्राइवर को लगा उन्हें सांस लेने की कोई दिक्कत हो रही है।
रोते हुए रिकॉर्ड किया ‘अब के बरस भेज भैया’
फिल्म बंदिनी का गाना अब के बरस भेज भैयाश् औरतों के दर्द को बयां करता गाना है। आशा जी ने बताया था कि इस गाने की रिकॉर्डिंग के दौरान उन्हें अपने भाई की इतनी याद आई कि वे रो पड़ीं। उन्होंने रोते हुए ही इस गाने को सिर्फ एक टेक में रिकॉर्ड कर दिया था। वहीं, उनके मशहूर गाने श्दम मारो दमश् को रेडियो और टीवी पर बैन कर दिया गया था, लेकिन इसी गाने के लिए उन्हें बेस्ट प्लेबैक सिंगर का अवॉर्ड मिला।
आशा की उपलब्धियां
आशा ने 10 साल की उम्र में अपना पहला गाना गाया। 82 साल का सिंगिंग करियर रहा। 12 हजार से ज्यादा गाने गाकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्सश् में नाम दर्ज कराया। शास्त्रीय संगीत से लेकर कैबरे, पॉप, जैज और गजल तक, हर विधा में उन्होंने अपनी महारत साबित की। आशा भोसले ने 9 फिल्मफेयर जीते हैं। इनमें 7 बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर अवॉर्ड शामिल हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, आशा को 100 से ज्यादा प्रतिष्ठित अवॉर्ड्स मिले। आशा को कुल 18 बार फिल्मफेयर अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट किया गया। उनका आखिरी गाना 2026 में रिलीज हुआ।
शाहरुख खान का वायरल वीडियो
साल 2023 के क्रिकेट वर्ल्ड कप फाइनल के दौरान शाहरुख, आशा भोसले के साथ बैठे थे। जब आशा जी ने चाय पी ली, तो शाहरुख ने बड़े सम्मान के साथ उनके हाथ से खाली कप लिया और खुद उठाकर दूसरी तरफ रखने चले गए। आशा जी और उनकी पोती जनाई ने उन्हें मना भी किया, लेकिन किंग खान ने अपनी सीट से उठकर यह काम किया। सोशल मीडिया पर यह वीडियो उनके निधन के बाद दोबारा वायरल हो रहा है।
यह भी पढ़ें : आशा भोसले नेट वर्थ: सुरों की दिग्गज ने संगीत और बिजनेस से बनाई करोड़ों की संपत्ति, जानिए सफर
आवाज अच्छी नहीं
संघर्ष के दौरान 1947 में आशा भोसले के साथ एक ऐसी घटना घटी जिसने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया। वे किशोर कुमार के साथ फेमस स्टूडियो में फिल्म ‘जान पहचानश् के लिए गाना रिकॉर्ड करने गई थीं। संगीतकार खेमचंद प्रकाश वहां मौजूद थे। जैसे ही आशा और किशोर दा ने माइक के सामने गाना शुरू किया, रिकॉर्डिस्ट रॉबिन चटर्जी ने म्यूजिक डायरेक्टर से बंगाली में कहा- इन दोनों की आवाज माइक में अच्छी नहीं लग रही, इनका गला खराब है, किसी और को बुलाओ।
किशोर दा और आशा बैठकर रोए
उन्हें अपमानित कर स्टूडियो से निकाल दिया गया। रात के 2 बज रहे थे, आशा और किशोर दा महालक्ष्मी रेलवे स्टेशन के पास बैठकर अपनी किस्मत पर रो रहे थे और चर्चा कर रहे थे कि आखिर उनसे चूक कहां हुई। लेकिन आशा ने हार नहीं मानी। उन्होंने किशोर दा को ढांढस बंधाते हुए कहा था कि उनकी आवाज को कोई नहीं रोक सकता।
यह भी देखें : पिंक सिटी शर्मसार! 3 बड़ी वारदातों से दहला जयपुर, सांसद मंजू शर्मा के बयान पर मचा बवाल | KBP Times



