NEET : नीट पेपर लीक होने के बाद देश के होनहार छात्रों ने अपने भविष्य को अंधकार में पाया और अपनी जान देना गवारा समझा है हालांकि उनका ऐसा करना कतई सही नहीं था उन्हे अपनी मंजिल पाने के लिए निराशा से उबर कर फिर से उठ खडा होना था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। देश में अब तक 23 छात्रों ने अपनी जान दे दी है। ताजा मामला महाराष्ट्र के अहिल्यानगर का है जहां 19 साल की मेडिकल छात्रा अंकिता सांगले ने रविवार को आत्महत्या कर ली। पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट मिला है। इसमें अंकिता ने लिखा कि परीक्षा में उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिलने से वह मानसिक तनाव में थी और डॉक्टर बनने का उसका सपना अधूरा रह गया।
अंकिता को री-एग्जाम में 166 मार्क्स मिले
अंकिता ने सुसाइड नोट में लिखा कि री-एग्जाम में उसे 166 मार्क्स मिले, जबकि कटऑफ 177 था। मेरे इस कदम के लिए उसके माता-पिता और भाई को जिम्मेदार न ठहराया जाए। अंकिता ने भाई को लिखा कि मम्मी-पापा को संभालना। उन्होंने काफी त्याग किया, लेकिन मैं सपना पूरा नहीं कर सकी।
पिता बोले- अंकिता ने नीट की अच्छी तैयारी की थी
अंकिता ने रविवार को अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। उसके पिता सुरेश सांगले ने बताया कि अंकिता ने नीट की अच्छी तैयारी की थी और शुरुआती परीक्षा में उसके अच्छे अंक आए थे। हालांकि, परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं के बाद वह तनाव में चली गई थी। परिवार के मुताबिक घटना से पहले छात्रा अपने कमरे में पढ़ाई कर रही थी। काफी देर तक कमरे से कोई आवाज नहीं आने पर उसकी मां ने दरवाजा खोला, जहां वह मृत मिली।
सीजेपी आंदोलन के बाद पहला केस
नीट एग्जाम में हुई गड़बड़ियों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था। 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रदर्शन खत्म हो गया था। प्रदर्शन खत्म होने के बाद सुसाइड का यह पहला मामला है। नीट मुद्दे पर अब तक 23 स्टूडेंट आत्महत्या कर चुके हैं।
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