Ram Temple Donation Case: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर आज सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. उत्तर प्रदेश सरकार ने सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच के सामने अपना पक्ष रखा. यूपी सरकार की ओर से पैरवी कर रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि मामले की पूरी पारदर्शी तरीके से जांच हो इसके लिए एसआईटी बना दी गई है. कोर्ट के सुझाव के मुताबिक, नई SIT की कमान वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई है. लखनऊ रेंज के आईजी किरण एस को आईटी का प्रमुख बनाया गया है.
“टीम में एक चार्टर्ड अकाउटेंट को शामिल किया जाए”
सॉलिसिटर जनरल ने आगे बताया कि 3 सदस्यीय SIT टीम में आईजी किरण एस के अलावा 2 अन्य सीनियर IPS अधिकारियों को भी शामिल किया गया है. जिसमें अयोध्या रेंज के डीआईजी सोमेन बर्मा और अयोध्या के एसएसपी गौरव ग्रोवर शामिल है. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सुझाव दिया कि वित्तीय गड़बड़ियों की जांच के लिए टीम में एक चार्टर्ड अकाउटेंट को भी शामिल किया जाना चाहिए. जिसपर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सहमति जताई.
“जांच की स्टेट्स रिपोर्ट 27 जुलाई तक सौंपी जाए”
सुप्रीम कोर्ट की ओर से कहा गया कि ये कहा गया है कि राज्य ने एसआईटी बनाने का आदेश जारी किया है. क्योंकि जांच में फंड की हेराफेरी शामिल है. इसलिए SG इस बात पर सहमत हो गया कि फोरेंसिक ऑडिट के अनुभव वाले एक ऑडिटर को भी एसआईटी के सदस्य के तौर पर जोड़ा जाएगा. हम एसआईटी को चल रही जांच पर स्टे्टस रिपोर्ट जमा करने का निर्देश देते हैं. कोर्ट ने कहा कि इस समय उनका पूरा ध्यान राम मंदिर चंदा चोरी मामले की निष्पक्ष और गहरी जांच कराने पर है. कोर्ट ने निर्देश दिया है कि जांच की स्टेट्स रिपोर्ट 27 जुलाई को सौंपी जाए.
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