NCPI: TMC के 20 बागी सांसदों के भाजपा में जाने की अटकलों के बीच गुमनाम हो चुकी नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी (NCPI) में विलय की घोषणा कर चौंकाया है। साथ ही सांसदों ने रविवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलकर सदन में अलग बैठने की व्यवस्था की मांग की कि उन्हे लोकसभा में अलग गुट के रुप में मान्यता दें। सांसदों ने यह भी कहा कि वे प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एनडीए के साथ मिलकर काम करेंगे। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के साथ टीएमसी के बागी सांसदों की मुलाकात की फोटो भी सामने आई है, उसमें 17 सांसद दिख रहे हैं। स्पीकर से मुलाकात से पहले सांसदों ने बंगाल भाजपा प्रभारी और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ बैठक की थी।
चर्चा में नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया
तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों के विलय के बाद नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) चर्चा में है। जानकारी के अनुसार रिकॉर्ड के अनुसार, 3 साल पहले 2023 में बंगाल के उत्तिया कुंडू और शेउली कुंडू नाम के कपल ने पार्टी की नींव रखी थी। पार्टी के डॉक्यूमेंट्स में उत्तिया कुंडू पार्टी के अध्यक्ष हैं। पत्नी शेउली का नाम कोषाध्यक्ष के रूप में दर्ज है। NCPI अध्यक्ष उत्तिया ने 13 मई को फेसबुक पर बंगाल सीएम शुभेंदु अधिकारी के साथ अपनी फोटो शेयर करते हुए उन्हें मुख्यमंत्री बनने पर बधाई दी थी। हावड़ा में एनसीपीआई का ऑफिस है, जहां सोमवार को सुरक्षाबलों की तैनाती दिखी। ऑफिस के गेट पर उत्तिया ने खुद को बंगाली न्यूजपेपर का एडिटर और टीचर बताया है। वहीं उनकी पत्नी शेउली को कलकत्ता हाईकोर्ट की वकील बताया गया है।
NCPI बंगाल में रजिस्टड है
जानकारी के अनुसार एनसीपीआई का रजिस्टर्ड पता पश्चिम बंगाल के हावड़ा के बानीपुर इलाके में है। पार्टी ने 2023 में त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में चार उम्मीदवार उतारे थे। लेकिन उसके उम्मीदवार या तो छव्ज्। से पीछे रहे या फिर उससे थोड़ा ज्यादा वोट हासिल कर पाए। पार्टी को कुल मिलाकर लगभग 1,198 वोट मिले थे। चुनाव आयोग के रिकॉर्ड के अनुसार पार्टी को कुल ₹1.13 लाख का चंदा मिला था। छब्च्प् के चुनावी पोस्टरों में नारा था- अपने अधिकारों को बचाने के लिए दलबदलुओं को नकारें।
त्रिपुरा चुनाव के बाद गायब हो गई पार्टी
न्यूज एजेंसी के मुताबिक अनुसार, NCPI ने 2023 में त्रिपुरा के चावामानु से बरजेडा त्रिपुरा को उम्मीदवार बनाया था। बरजेडा को 536 वोट मिले थे। TMC के बागी सांसदों के साथ विलय की बात सुनकर वे हैरान रह गए। बरजेडा ने बताया कि वे दिहाड़ी मजदूर हैं। चुनाव के बाद उनका पार्टी से संपर्क खत्म हो गया था। रिपोर्ट के अनुसार, त्रिपुरा के कैलाशहर से छब्च्प् उम्मीदवार रहे जहांगीर अली ने बताया कि 2023 चुनाव के दौरान शेउली कुंडू कोलकाता से आई थीं और उम्मीदवारों से संपर्क किया था। चुनाव खत्म होने के बाद पार्टी ने गतिविधियां बंद कर दीं और संपर्क भी टूट गया।
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