Windfall Tax : देश में पेट्रोल और डीजल की किल्लत को कम करने के केन्द्र सरकार ने आम आदमी के लिए पेट्रोल और डीजल पर 3 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी के बाद अब तेल कंपनियों द्वारा पेट्रोल एक्सपोर्ट करने पर पर 3 रुपये प्रति लीटर का विंडफॉल टैक्स लगा दिया है। जबकि डीजल और जेट फ्यूल पर टैक्स घटाया है। केन्द्र सरकार के इस फैसले से माना जा रहा है कि देश में तेल की कमी नहीं होगी।
सरकार के पेट्रोल को लेकर नया नियम
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार केन्द्र सरकार ने तय किया है कि अगर कोई भारतीय कंपनी पेट्रोल को भारत में बेचने के बजाय दूसरे देशों में एक्सपोर्ट करेगी, तो उसे सरकार को 3 रुपये प्रति लीटर का अतिरिक्त टैक्स देना होगा। पश्चिम एशिया में तनाव शुरू होने के बाद पहली बार पेट्रोल पर ऐसा टैक्स लगाया गया है, ताकि कंपनियां देश से बाहर पेट्रोल कम भेजें।
डीजल और हवाई जहाज के ईंधन पर बदलाव
एक्सपर्ट के अनुसार सरकार ने पेट्रोल पर तो सख्ती बढ़ाई है, लेकिन डीजल और जेट फ्यूल के एक्सपोर्ट पर टैक्स घटा दिया है। डीजल को विदेश भेजने पर टैक्स 23 से घटाकर 16.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। वहीं, हवाई जहाज के ईंधन पर टैक्स 33 से घटाकर 16 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।
ज्यादा मुनाफा कमाने के लालच में कंपनियों पर लगाम
जानकारों के अनुसार इस समय अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच युद्ध चल रहा है। इस तनाव की वजह से दुनियाभर में कच्चे तेल की कीमत 73 डॉलर से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। जब विदेशी बाजारों में तेल इतना महंगा होता है, तो प्राइवेट तेल कंपनियों को भारत के मुकाबले विदेशों में तेल बेचने पर ज्यादा मुनाफा दिखता है। वे ज्यादा कमाई के चक्कर में सारा तेल बाहर न भेज दें, इसलिए सरकार ने यह कदम उठाया है।
सरकार बैलेंस बनाने की कोशिश में
जानकारों के अनुसार सरकार का सबसे पहला मकसद यह है कि भारत के लोगों के लिए पेट्रोल की कोई कमी न पड़े। पेट्रोल पर टैक्स लगाने से कंपनियां उसे बाहर भेजने से बचेंगी और देश में सप्लाई पूरी रहेगी। वहीं दूसरी तरफ, डीजल और जेट फ्यूल पर टैक्स कम करके सरकार ने कंपनियों को थोड़ी राहत दी है, ताकि उनका बिजनेस भी बैलेंस रहे और उन्हें भारी नुकसान न हो।
पेट्रोल पंपों पर तेल के दामों पर असर
वित्त मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि यह नया टैक्स सिर्फ विदेश भेजे जाने वाले तेल पर लागू है। भारत के अंदर आम जनता के इस्तेमाल के लिए जो पेट्रोल-डीजल बिकता है, उसकी टैक्स दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
शुक्रवार सुबह ही जो पेट्रोल-डीजल 3 रुपये महंगा
एक्सपोर्ट टैक्स लगाने के इस फैसले से ठीक पहले, शुक्रवार सुबह सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दाम देश भर में 3 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ा दिए थे। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि कंपनियों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार से महंगा कच्चा तेल खरीदना भारी पड़ रहा था। उस बढ़ी हुई लागत की भरपाई के लिए भारत में दाम बढ़ाए गए हैं। इसके साथ ही सीएनजी भी 2 रुपये प्रति किलो महंगी हो गई है।
विंडफॉल टैक्स क्या होता है
अचानक हुए मुनाफे पर लगने वाला टैक्स कह सकते हैं। जब किसी कंपनी को अपनी किसी खूबी से नहीं, बल्कि दुनिया के हालातों (जैसे युद्ध या किसी संकट) की वजह से बैठे-बिठाए भारी मुनाफा होने लगता है, तो सरकार उस मुनाफे का एक हिस्सा टैक्स के रूप में ले लेती है। इसे ही विंडफॉल टैक्स कहते हैं। इसका मकसद कंपनियों के इस जरूरत से ज्यादा मुनाफे को आम जनता के फायदे के लिए इस्तेमाल करना है।
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