Banking Business: डिजिटल तकनीक ने बैंकिंग को सुविधाजनक तो बना दिया है लेकिन उतना ही जोखिम भरा भी हो गया है. आम ग्राहकों को बढ़ती डिजिटल धोखाधड़ी से राहत देने के लिए रिजर्व बैंक ने मुआवज़ा देने का प्रस्ताव दिया है. जानकारी के अनुसार भारतीय रिजर्व बैंक RBI ने डिजिटल पेमेंट की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक अहम प्रस्ताव रखा है. RBI ने छोटे मूल्य की धोखाधड़ी वाले डिजिटल लेनदेन में हुए नुकसान पर ग्राहकों को 25,000 रुपये तक मुआवजा देने के लिए एक फ्रेमवर्क लाने की बात कही है. इस कदम का मकसद बैंक ग्राहकों को बढ़ती डिजिटल धोखाधड़ी से राहत देना है.
फैसले से बढ़ेगा भरोसा
RBI ने कहा कि अगर कोई बैंक ग्राहक छोटे मूल्य की धोखाधड़ी वाले डिजिटल ट्रांजैक्शन का शिकार होता है, तो उसे इस प्रस्तावित व्यवस्था के तहत 25,000 रुपये तक का मुआवजा मिल सकेगा. यह फैसला डिजिटल पेमेंट सिस्टम में ग्राहकों का भरोसा बढ़ाने की दिशा में उठाया गया है.
गाइडलाइंस जारी करेगा Central बैंक
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने अपने संबोधन में कहा कि ग्राहक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रिजर्व बैंक तीन ड्राफ्ट गाइडलाइंस जारी करेगा
पहली गाइडलाइन मिस-सेलिंग से जुड़ी होगी.
दूसरी गाइडलाइन लोन रिकवरी और रिकवरी एजेंट्स की भूमिका को लेकर होगी.
तीसरी गाइडलाइन अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग लेनदेन में ग्राहकों की जिम्मेदारी को सीमित करने से संबंधित होगी.
उन्होंने यह भी कहा कि छोटे मूल्य की धोखाधड़ी वाले लेनदेन में नुकसान की भरपाई के लिए 25,000 रुपये तक मुआवजा देने का फ्रेमवर्क प्रस्तावित किया गया है. RBI गवर्नर ने बताया कि इस तरह की धोखाधड़ी के कई मामले सामने आ चुके हैं, जिनके मद्देनजर रिजर्व बैंक पहले भी कई कदम उठा चुका है.
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सुरक्षित होगा डिजिटल लेनदेन
इसके अलावा RBI डिजिटल पेमेंट की सुरक्षा बढ़ाने के लिए संभावित उपायों पर एक चर्चा पत्र भी जारी करेगा. इन उपायों में कुछ विशेष वर्ग के ग्राहकों जैसे वरिष्ठ नागरिकों के लिए अतिरिक्त ऑथेंटिकेशन और लैग्ड क्रेडिट जैसे कदम शामिल हो सकते हैं. RBI का कहना है कि इन पहलों से डिजिटल लेनदेन को ज्यादा सुरक्षित बनाया जा सकेगा.
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