IPO: ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच युद्व विराम और शांति संधि की संभावना से राहत की सांस लेता शेयर बाजार कुछ संभला है लेकिन IPO निवेशक अभी भी बहुत सतर्क हैं। यही कारण है कि आने वाला सप्ताह शांत रहने वाला है। जानकारों का कहना है कि सप्ताह के शुरुआत में जहां आमतौर पर आईपीओ की हलचल देखने को मिलती है, वहीं इस बार सिर्फ एक नया इश्यू खुलेगा। सबसे अहम बात यह है कि सभी आगामी लिस्टिंग्स का ग्रे मार्केट प्रीमियम बहुत कम है या शून्य है। निवेशक बिना सोचे-समझे पैसा लगाने के बजाय सोच-समझकर फैसले ले रहे हैं।
सिर्फ एक IPO : Leapfrog Engineering Services
आने वाले हफ्ते में लीपफ्रॉग इंजीनियरिंग सर्विसेज का IPO ही बाजार में खुलेगा। यह एक SME इश्यू है, जिसके जरिए कंपनी करीब 89 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। यह आईपीओ 23 अप्रैल को खुलेगा और 27 अप्रैल तक निवेश के लिए उपलब्ध रहेगा, जबकि इसकी लिस्टिंग 30 अप्रैल को BSE SME प्लेटफॉर्म पर होने की संभावना है।इसका प्राइस बैंड 21 से 23 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। इश्यू में 79.6 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और करीब 8.9 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल शामिल है। हालांकि SME आईपीओ होने की वजह से इसमें निवेश की न्यूनतम सीमा काफी ज्यादा है, रिटेल निवेशकों को कम से कम 12,000 शेयर खरीदने होंगे, जो अपर प्राइस बैंड के हिसाब से लगभग 2.76 लाख रुपये का निवेश बनता है।
कंपनी का बिजनेस मॉडल क्या है?
लीपफ्रॉग इंजीनियरिंग सर्विसेज इंजीनियरिंग और EPC (Engineering, Procurement and Construction) सेक्टर में काम करती है। कंपनी ऑयल एंड गैस, फार्मास्युटिकल, फूड प्रोसेसिंग और मेटल्स जैसे सेक्टर्स में एंड-टू-एंड सॉल्यूशंस प्रदान करती है। इसका विविध बिजनेस पोर्टफोलियो इसे कई इंडस्ट्रीज में काम करने का मौका देता है।
इनकी होगी लिस्टिंग
जहां नए IPO की संख्या कम है, वहीं अगले हफ्ते मेहुल टेलीकॉम, सिटियस ट्रांसनेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT) और प्रॉपर्टी शेयर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (PropShare Celestia) की लिस्टिंग होने जा रही है। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि इनका GMP उत्साहवर्धक नहीं है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि भले ही सेकेंडरी मार्केट में मजबूती बनी हुई है, लेकिन प्राइमरी मार्केट में निवेशक अब सिर्फ क्वालिटी और सही वैल्यूएशन वाले इश्यू में ही दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
आगे क्या रहेगा ट्रेंड?
फिलहाल IPO बाजार में सुस्ती का माहौल है, लेकिन यह स्थिति ज्यादा समय तक नहीं रह सकती। अगर बाजार स्थिर रहता है और बड़े मेनबोर्ड आईपीओ आते हैं, तो गतिविधि फिर से तेज हो सकती है। अभी निवेशकों की नजर आने वाली लिस्टिंग्स के प्रदर्शन पर टिकी है, क्योंकि यही तय करेगा कि आने वाले हफ्तों में आईपीओ बाजार में कितनी तेजी लौटेगी।



