देश में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को मजबूती देने की दिशा में टाटा ग्रुप ने एक और बड़ा कदम उठाया है। टाटा समूह ने अपनी कंपनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स में 1,500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश किया है। इसके साथ ही बीते एक साल में कंपनी में कुल निवेश 4,500 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
यह निवेश iPhone निर्माण क्षमता बढ़ाने और सेमीकंडक्टर से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट्स के विस्तार में अहम भूमिका निभाएगा।
गुजरात और असम में नई फैक्ट्रियों की तैयारी
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स फिलहाल Apple के लिए कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग के तहत iPhone बनाती है। कंपनी अब गुजरात और असम में नई मैन्युफैक्चरिंग और असेंबली यूनिट्स लगाने की योजना पर काम कर रही है।
भारत में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स अब Apple के लिए iPhone बनाने वाली प्रमुख कंपनियों में शामिल हो चुकी है, जिनका बड़ा हिस्सा अमेरिका और यूरोप जैसे बाजारों में निर्यात किया जाता है।
एक साल में 4,500 करोड़ का निवेश
कंपनी से जुड़ी हालिया रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, यह निवेश इक्विटी के जरिए किया गया है। अक्टूबर में हुए इस निवेश के बाद टाटा संस ने पिछले 12 महीनों में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स में कुल 4,500 करोड़ रुपये डाले हैं।
यह कदम कंपनी की उत्पादन क्षमता बढ़ाने और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए पेरेंट कंपनी के मजबूत समर्थन को दर्शाता है।
आगे और फंडिंग के संकेत
फाइलिंग में यह भी सामने आया है कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने अपनी अधिकृत शेयर पूंजी को बढ़ाकर 20,000 करोड़ रुपये कर दिया है। इससे संकेत मिलते हैं कि आने वाले समय में कंपनी को और पूंजी मिल सकती है।
कंपनी का कहना है कि लंबे समय के संचालन और विस्तार योजनाओं के लिए अतिरिक्त इक्विटी फंड की जरूरत है, हालांकि निवेश के उद्देश्य पर आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत बयान नहीं दिया गया है।
सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स विस्तार पर फोकस
उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, ताजा निवेश का इस्तेमाल बड़े स्तर पर कैपिटल एक्सपेंडिचर यानी फैक्ट्री, मशीनरी और टेक्नोलॉजी में किया जाएगा। खास तौर पर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और सेमीकंडक्टर से जुड़े प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता दी जाएगी।
हालांकि, कंपनी की मुनाफे की स्थिति को लेकर अभी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है, लेकिन घाटे में लगातार कमी आना सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
आय में जबरदस्त उछाल, घाटा हुआ कम
रेगुलेटरी आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की कुल ऑपरेटिंग इनकम 66,000 करोड़ रुपये से ज्यादा रही, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा काफी कम था।
हालांकि कंपनी अभी भी घाटे में है, लेकिन शुद्ध घाटा तेजी से घटा है, जिससे आने वाले समय में मुनाफे की उम्मीद बढ़ गई है।
टेक्नोलॉजी सेक्टर में टाटा की बड़ी साझेदारी
हाल ही में टाटा ग्रुप ने चिप मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी एक बड़ी ग्लोबल कंपनी के साथ रणनीतिक सहयोग की घोषणा की है। इस साझेदारी के तहत भारत में चिप निर्माण, पैकेजिंग और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी पर संयुक्त रूप से काम करने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
इसके अलावा, भारतीय बाजार के लिए कस्टमाइज्ड AI और एंटरप्राइज टेक सॉल्यूशंस को तेजी से आगे बढ़ाने पर भी फोकस किया जाएगा।
निष्कर्ष
टाटा ग्रुप का यह निवेश न सिर्फ iPhone मैन्युफैक्चरिंग को मजबूती देगा, बल्कि भारत को ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर हब बनाने की दिशा में भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है।



