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EU के साथ ट्रेड डील का प्रभाव, इन Products पर लगा टैरिफ हो जाएगा शून्य

EU trade deal

Business Deal : भारत और EU के बीच ट्रेड डील के बाद भारत के 99% से अधिक निर्यातों को EU बाजार में प्राथमिक पहुंच मिलेगी. इससे करीब 6.41 लाख करोड़ (लगभग 75 अरब डॉलर) के निर्यात को नई उड़ान मिलने की उम्मीद है. खासतौर पर टेक्सटाइल, लेदर, जेम्स एंड ज्वेलरी, मरीन प्रोडक्ट्स जैसे श्रम-प्रधान सेक्टर को इसका बड़ा फायदा मिलेगा.

टेक्सटाइल, अपैरल और कपड़ा

EU में 12% तक लगने वाला टैरिफ अब शून्य हो जाएगा. इससे भारतीय गारमेंट्स और टेक्सटाइल प्रोडक्ट यूरोपीय बाजार में सस्ते होंगे.

तमिलनाडु का तिरुपुर, महाराष्ट्र का इचलकरंजी, गुजरात का सूरत, पंजाब का लुधियाना और तेलंगाना का हैदराबाददृवारंगल जैसे क्लस्टर्स को बड़े ऑर्डर और रोजगार बढ़ने की उम्मीद है. भारत की मौजूदा हिस्सेदारी म्न् के 263.5 अरब डॉलर के टेक्सटाइल आयात बाजार में अभी काफी कम है, जिसे यह समझौता बढ़ा सकता है.

लेदर और फुटवियर

17% से शून्य टैरिफ पर आने से भारतीय फुटवियर और लेदर उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता तेज़ी से बढ़ेगी. तमिलनाडु का वेल्लोर अम्बूर और उत्तर प्रदेश का कानपुर और आगरा जैसे क्लस्टर्स को सीधा फायदा मिलने की संभावना है.

इलेक्ट्रॉनिक्स

भारत के 99.6ः इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात पर EU टैरिफ 14ः से घटकर लगभग शून्य हो जाएगा. इससे ‘मेक इन इंडिया’ सप्लाई चेन को मजबूती मिलेगी. पुणे, राजकोट, नोएडा, हैदराबाद और विशाखापत्तनम जैसे हब्स में निर्यात और डैडम् गतिविधियां बढ़ सकती हैं.

जेम्स और ज्वेलरी

4% से शून्य ड्यूटी होने से डिजाइन-आधारित भारतीय ज्वेलरी को म्न् बाजार में नई बढ़त मिलेगी. मुंबई, सूरत और जयपुर जैसे केंद्रों में कारीगरों और डैडम् को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है.

केमिकल्स

97.5ः केमिकल निर्यात पर 12.8% से शून्य टैरिफ होने से गुजरात के भरूचदृवडोदरा और महाराष्ट्र के केमिकल बेल्ट में उत्पादन और रोजगार को गति मिल सकती है.

फार्मा और मेडिकल डिवाइसेज

EU के बड़े फार्मा बाजार में भारतीय कंपनियों की पहुंच मजबूत होगी. ठाणे-रायगढ़, बेंगलुरु-तुमकुरु, हैदराबाद और विशाखापत्तनम जैसे क्लस्टर्स को फायदा मिलने की उम्मीद है.

इंजीनियरिंग गुड्स

इंजीनियरिंग उत्पादों को बेहतर बाजार पहुंच मिलने से पुणे, राजकोट, चेन्नईदृकोयंबटूर, बेंगलुरुदृतुमकुरु और मंडी गोबिंदगढ़ जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में डैडम् के साथ-साथ बड़े निर्यातक भी लाभान्वित होंगे.

कृषि और मरीन प्रोडक्ट्स

असम की चाय, केरल के मसाले और आंध्र प्रदेश, गुजरात, केरल व पश्चिम बंगाल के मरीन प्रोडक्ट्स को म्न् बाजार में बेहतर अवसर मिलेंगे, जिससे किसानों और मछुआरों की आय बढ़ने की संभावना है.

हस्तशिल्प, फर्नीचर और स्पोर्ट्स गुड्स

सहारनपुर, जोधपुर, असम के बांस-आधारित क्लस्टर्स, जालंधर और चूरू जैसे क्षेत्रों में छोटे निर्यातकों और कारीगरों के लिए नए अवसर खुलेंगे. कुल मिलाकर, भारतदृम्न् थ्ज्। को एक ऐसा समझौता माना जा रहा है जो निर्यात, निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास, चारों मोर्चों पर भारत की आर्थिक क्षमता को नई ऊंचाई दे सकता है.

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